एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन फिर से नियुक्त किया गया
मुंबई, 17 सितंबर 2026 – भारतीय कॉर्पोरेट जगत की सबसे बड़ी खबरों में से एक सामने आई है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने अपने मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को लगातार तीसरी बार पाँच साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने का फैसला किया है।
बोर्ड मीटिंग का फैसला
- मुंबई स्थित बॉम्बे हाउस में हुई अहम बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने चंद्रशेखरन के नाम पर भरोसा जताया।
- मतदान में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने विरोध किया, लेकिन बहुमत से प्रस्ताव पारित हो गया।
- इस निर्णय के बाद चंद्रशेखरन 2027 तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व करते रहेंगे।
- चंद्रशेखरन पहली बार 2017 में रतन टाटा के बाद चेयरमैन बने थे।
- 2022 में उन्हें दूसरी बार पाँच साल का कार्यकाल मिला।
- अगस्त 2026 में उन्होंने संकेत दिया था कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, जिसके बाद नए चेयरमैन की तलाश शुरू हुई थी।
- बोर्ड के ताज़ा फैसले ने इस प्रक्रिया को रोक दिया है।
आरबीआई का असर और IPO की चर्चा
- सितंबर 2022 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने टाटा संस को ‘अपर लेयर NBFC’ के रूप में सूचीबद्ध किया।
- इस नियम के तहत कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था।
- टाटा संस ने NBFC रजिस्ट्रेशन वापस लेने का आवेदन किया, लेकिन RBI ने इसे खारिज कर दिया।
- अब कंपनी का संभावित IPO चर्चा में है, जो भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।
- टाटा संस की हिस्सेदारी TCS, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, इंडियन होटल्स जैसी प्रमुख कंपनियों में है, जिससे IPO का आकार बेहद बड़ा होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए संकेत
- बोर्ड का मानना है कि IPO से पहले नेतृत्व में बदलाव न होना निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत होगा।
- स्थिर नेतृत्व से टाटा ग्रुप की पारदर्शिता और वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।









