गंगा एक्सप्रेस-वे अलाइनमेंट पर किसानों की आपत्ति


महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ने और उपजाऊ भूमि बचाने की मांग


किसानों और क्षेत्रवासियों की चिंता

बिजनौर में प्रस्तावित श्री गंगा एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रस्तावित मार्ग से हजारों किसानों की उपजाऊ भूमि प्रभावित होगी, जिससे कृषि उत्पादन और आजीविका पर सीधा असर पड़े

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मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन

किसानों और क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर मांग की है कि एक्सप्रेस-वे का संरेखण इस प्रकार किया जाए कि:

  • उपजाऊ भूमि का न्यूनतम अधिग्रहण हो।
  • महात्मा विदुर जी की कुटी, महर्षि कण्व आश्रम और कल्याण देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जा सके।

वैकल्पिक मार्ग का सुझाव

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि वैकल्पिक मार्ग अपनाया जाए तो:

  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
  • रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

जनहित में निर्णय की मांग

किसानों का कहना है कि सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उनका मानना है कि सही अलाइनमेंट से विकास और परंपरा दोनों का संतुलन कायम रह सकता है।


गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसके अलाइनमेंट को लेकर उठी आवाजें यह दर्शाती हैं कि स्थानीय हितों और धार्मिक-पर्यटन स्थलों को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।