बिजनौर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब

योगमय हुआ बिजनौर

बिजनौर ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखा। पूरा शहर योगमय वातावरण में डूबा रहा। मुख्य आयोजन नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ, जहां हजारों लोग एकत्रित होकर योगाभ्यास में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की शुरुआत

सुबह की पहली किरणों के साथ ही स्टेडियम में लोगों का आना शुरू हो गया। विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और योग संस्थानों के प्रतिनिधि यहां पहुंचे। मंच पर योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। सूर्य नमस्कार से लेकर प्राणायाम तक, हर क्रिया का सामूहिक अभ्यास हुआ।

मंत्री का संबोधन

मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

विविध कार्यक्रम

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: योगाभ्यास के बाद स्थानीय कलाकारों ने योग पर आधारित नृत्य और गीत प्रस्तुत किए।
  • योग प्रतियोगिता: बच्चों और युवाओं के बीच योग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया।
  • स्वास्थ्य शिविर: आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने नि:शुल्क परामर्श दिया और योग से जुड़ी जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

जनभागीदारी

इस आयोजन में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि योग दिवस उन्हें एक नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। स्थानीय प्रशासन ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए।

अंतरराष्ट्रीय महत्व

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से यह दिन वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुआ। आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जाता है। बिजनौर का यह आयोजन इस वैश्विक उत्सव का हिस्सा बनकर स्थानीय लोगों को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ता है।

बिजनौर में आयोजित योग दिवस ने यह साबित कर दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में उमड़े जनसैलाब ने दिखाया कि लोग स्वास्थ्य और संतुलन की ओर गंभीरता से कदम बढ़ा रहे हैं। इस आयोजन ने न केवल शहर को योगमय बनाया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायी संदेश भी दिया।