जंतर-मंतर के छात्रों पर किये गये लाठीचार्ज की गूंज बिजनौर पहुंची, आसपा-भीम आर्मी ने किया प्रदर्शन

नुमाइश ग्राउंड से कलेक्ट्रेट कूच पर पुलिस ने लगाई रोक, तीखी नोकझोंक के बाद वहीं सौंपा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर पेपर लीक तक की निष्पक्ष जांच की उठीं मांगें

बिजनौर (चिंगारी)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और कथित लाठीचार्ज की तपिश अब बिजनौर तक पहुंच गई है। छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज आजाद समाज पार्टी (आसपा) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नुमाइश ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें ग्राउंड से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने नुमाइश ग्राउंड में ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया और वापस लौट गए।
एएसपी सिटी और एडीएम को सौंपे गए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज ने भी पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने तथा उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन में
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, पेपर लीक पीड़ित परिवारों को एक करोड़ मुआवजा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की गई। साथ ही संसद में पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा कराने तथा आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर में प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई रोकने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की उठी मांग

ज्ञापन में छात्राओं के साथ हुई कथित अशोभनीय घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, मौके पर मौजूद व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक करने तथा आंसू गैस के गोलों के इस्तेमाल और प्रदर्शन स्थल पर हुई कथित घटनाओं की जांच की मांग की गई। पुलिस द्वारा लाठियों के इस्तेमाल की भी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी गई। इसके अलावा भविष्य में सभी पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की वर्दी पर स्पष्ट और पठनीय नेम प्लेट अनिवार्य किए जाने की मांग भी की गई।

प्रदर्शन का नेतृत्व आसपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र कुमार, गौहर इकबाल, आयुष चौहान, शहजाद अहमद, जितेंद्र राना, दीपक कुमार, मौलाना अतीकुर्रहमान, सलीम अंसारी, अशोक कुमार, प्रशांत सागर, नजीबाबाद चेयरमैन इंजीनियर मुअज्जम, अभिषेक सूर्यवंशी, खुर्शीद मंसूरी, साहिल मेहरा, फहीम अंसारी, विवेक सैन, रोहित कुमार, सभासद तुफैल अहमद, टिंकू सिंह, रवि कुमार, साखवत अली, संदीप चौधरी आदि ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।