बारिश ने बढ़ाई मुसीबत: 14 राज्यों में अलर्ट, यूपी-बिहार से छत्तीसगढ़ तक बाढ़ का खतरा, पहाड़ों पर बर्फबारी…
नई दिल्ली/लखनऊ। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत 14 राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है।
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम संबंधी सिस्टम के कमजोर पड़ने के बावजूद उसका प्रभाव कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। दिल्ली में बारिश के बाद तापमान में गिरावट और लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन को निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
14 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जलभराव वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। लोगों को नदी, नाले और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे समय से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है।
बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। वहीं प्रदेश के 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बताया गया है। राज्य के 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज किए जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लखनऊ में ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिरा
राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश के बीच पुराने शहर के हुसैनाबाद इलाके में एक ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिर गया। यह क्षेत्र काफी व्यस्त माना जाता है और यहां से वाहनों की आवाजाही भी होती है।
गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर भीड़ कम थी, जिसके कारण किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया।
बिहार में बाढ़ को लेकर प्रशासन सतर्क
बिहार में भी भारी बारिश के पूर्वानुमान के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती और नदी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश को लेकर भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 17 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। अधिकारियों ने बाढ़ की संभावित स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की।
NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
छत्तीसगढ़ में उफान पर नदी-नाले
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि निचले इलाकों में घरों और खेतों तक पानी पहुंचने की स्थिति बनी हुई है।
राजधानी रायपुर में खारून नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा
बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद वहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
NDRF की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से नदी और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सिक्किम में क्लाउडबर्स्ट के बाद राहत कार्य जारी
सिक्किम में क्लाउडबर्स्ट के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। रिंबी क्षेत्र में जमा मिट्टी और मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है।
बताया गया है कि इस घटना से करीब 36 से 37 परिवार प्रभावित हुए हैं। कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा है और कुछ घर पूरी तरह नष्ट होने की सूचना है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ शुरू हुई बर्फबारी
मैदानी राज्यों में जहां भारी बारिश और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ने अलग रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है।
उत्तराखंड में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
उत्तराखंड के चमोली जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होने से तापमान में गिरावट आई है।
हेमकुंड साहिब क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ धाम में भी बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। खराब मौसम और बारिश-बर्फबारी को देखते हुए चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोकने का फैसला लिया गया है।
यात्रा मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सीजन की पहली बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भी मौसम ने करवट ली है। कूनोचारंग और छितकुल क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है।
बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। वहीं, सेब उत्पादक क्षेत्रों में मौसम के असर को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी है। कूनोचारंग-छितकुल क्षेत्र में बर्फबारी से सेब की फसल को नुकसान पहुंचने की खबर है।
ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है।
मौसम को लेकर प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
देश के कई राज्यों में एक साथ बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर चुनौती बढ़ गई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का जोखिम बना हुआ है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले रास्तों, तेज बहाव वाली नदियों और नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना और अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।
फिलहाल उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी है, जबकि हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। आने वाले समय में मौसम की स्थिति और बारिश की तीव्रता पर प्रशासन तथा मौसम विभाग की निगरानी बनी रहेगी।









