ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बिजनौर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
विरोध मार्च — हेनरीता राजीव सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश, पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
बिजनौर (चिंगारी)।
मतदाता अधिकार, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज़िला मुख्यलय पर जिलाध्यक्ष श्रीमती हेनरीता राजीव सिंह के नेतृत्व में जोरदार विरोध मार्च निकाला। इस बीच प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों की कई बार पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेसी पार्टी कार्यालय पर इकट्ठा हुए।कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए जैसे ही
कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया वैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। कांग्रेसी पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गये। विकास भवन के सामने पुलिस ने उन्हें फिर रोकने का प्रयास किया लेकिन कांग्रेसी नहीं रुके। वे बेरिकेडिंग गिरा कर आगे बढ़ गये। कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेसियों ने पुतला फूँकने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने पुतले को आग लगाई,पुलिस ने उन्हें घेर लिया। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया। कांग्रेसियों की देर तक पुलिस से तीखी बहस हुई। पुलिस उन्हें कलेक्ट्रेट मे घुसने नहीं देना चाहती थी लेकिन कांग्रेसी नहीं माने। वे कलेक्ट्रेट में घुस गये और नारे बाज़ी करने लगे।पुलिस ने किसी तरह कांग्रेसियों को मना कर कलेक्ट्रेट परिसर से यह कह कर बाहर कर दिया कि वे विकास भवन पहुंचे,उनका ज्ञापन वही लिया जायेगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची से जुड़े सवालों और SIR सहित चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर उठ रही आपत्तियों पर जवाबदेही की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “वोट की चोरी बंद करो”, “चुनाव आयोग में पारदर्शिता लाओ” तथा “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेसियो का कहना था कि मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों का स्पष्ट एवं निष्पक्ष समाधान आवश्यक है। श्रीमती हेनरिटा राजीव सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी तथा मतदाता के वोट की सुरक्षा, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में आर.के.सिंह, जावेद अंसारी, हुमायूँ बेग, मिसबाबुल, विक्रम सिंह, वसीम अकरम, हाजी अहसान, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद नदीम, मोहम्मद अंजार और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।










