नायब सैनी का बड़ा बयान: पंजाब में SAD से गठबंधन नहीं, बोले- BJP का गठबंधन जनता के साथ
2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, नशामुक्त पंजाब यात्रा के दौरान AAP सरकार पर साधा निशाना
होशियारपुर/टांडा, पंजाब: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। टांडा, होशियारपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सैनी ने कहा कि पंजाब में BJP का SAD के साथ कोई गठबंधन नहीं है और पार्टी का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है।
सैनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ समय से BJP और SAD के बीच दोबारा राजनीतिक समझ बनने की अटकलें लगातार चर्चा में रही हैं। अगस्त 2026 में भी दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि BJP के कई नेताओं ने पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात कही थी।
पंजाब की जनता के साथ गठबंधन का दावा
नायब सिंह सैनी ने कहा कि BJP पंजाब में किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने के बजाय सीधे जनता के बीच जाकर समर्थन मांगेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों को आधार बनाकर पंजाब के मतदाताओं से समर्थन लेने की बात कही।
सैनी के मुताबिक, BJP का लक्ष्य पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करते हुए जनता के बीच पहुंच बढ़ाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी को लोगों का समर्थन मिलेगा और BJP राज्य में अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव मैदान में उतरेगी।
BJP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष भी अगस्त में पार्टी के 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। हालांकि बाद की राजनीतिक रिपोर्टों में BJP और SAD के बीच संभावित बातचीत की अटकलें भी सामने आती रही हैं। इसलिए गठबंधन को लेकर अलग-अलग स्तर पर सामने आए बयानों को चुनावी रणनीति के बदलते संदर्भ में देखा जा रहा है।
SAD-BJP गठबंधन को लेकर क्यों बढ़ी थी चर्चा?
BJP और SAD लंबे समय तक पंजाब की राजनीति में सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत लंबे समय तक साथ चुनाव लड़ा। 2020 में कृषि कानूनों को लेकर SAD ने NDA से अलग होने का फैसला किया था। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच संभावित नजदीकी को लेकर फिर से राजनीतिक चर्चा शुरू हुई थी।
इसी पृष्ठभूमि में नायब सिंह सैनी का यह कहना कि BJP का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है, राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि गठबंधन को लेकर अंतिम राजनीतिक स्थिति समय के साथ बदल सकती है और अलग-अलग नेताओं के बयान अलग-अलग समय पर सामने आए हैं।
नशामुक्त पंजाब यात्रा के जरिए BJP का अभियान
नायब सिंह सैनी पंजाब में BJP की ‘नशा विरोधी यात्रा-नशामुक्त पंजाब’ से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हरियाणा सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, सैनी ने 21 सितंबर 2026 को फाजिल्का जिले के सिटो और अर्नीवाला में इस अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
BJP ने सितंबर में पंजाब में नशे के खिलाफ चार यात्राओं वाला अभियान शुरू किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह अभियान 13 दिनों तक चलने वाला है और यात्राओं के जरिए राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है। BJP ने इसे सामाजिक जागरूकता और नशे के खिलाफ जनभागीदारी से जोड़कर प्रस्तुत किया है।
AAP सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर हमला
नशे के मुद्दे पर नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
सैनी ने नशे की समस्या को अपराध और युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रयास जरूरी हैं।
हालांकि, नशे के मुद्दे पर BJP और AAP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार BJP ने AAP सरकार पर अपने घोषित लक्ष्यों और समयसीमाओं को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य में पूर्व की BJP-SAD सरकारों के कार्यकाल का भी हवाला दिया है।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
सैनी ने पंजाब के युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रोजगार, उद्यमिता और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में लगाया जाना चाहिए।
BJP की नशामुक्त पंजाब यात्रा का घोषित उद्देश्य भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और समाज की भागीदारी के जरिए नशे की समस्या से निपटने के लिए माहौल तैयार करना है।
गुरुद्वारा नानक दरबार में सैनी ने टेका माथा
राजनीतिक कार्यक्रमों के अलावा नायब सिंह सैनी ने 26 सितंबर 2026 को होशियारपुर के टांडा में बाबा श्रीचंद जी महाराज के 532वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। हरियाणा सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने कार्यक्रम में संगत को संबोधित किया और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
इस अवसर पर सैनी ने पंजाब की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने बाबा श्रीचंद जी महाराज और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की बात कही तथा युवाओं से अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया।
शिक्षा, रोजगार और समाजसेवा पर जोर
सैनी ने युवाओं से शिक्षा और खेल के साथ रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने सामाजिक सद्भाव, मानव सेवा, करुणा, समानता और आपसी भाईचारे जैसे मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उनके अनुसार, समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से सामाजिक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
2027 चुनाव से पहले पंजाब में सियासी माहौल गर्म
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP, AAP, कांग्रेस और SAD समेत विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। BJP की ओर से जहां संगठन को मजबूत करने और राज्य में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात सामने आई है, वहीं SAD के साथ संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर भी पिछले कुछ महीनों में चर्चाएं होती रही हैं।
ऐसे माहौल में नायब सिंह सैनी का SAD के साथ गठबंधन से इनकार और BJP का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ होने का बयान चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी की सार्वजनिक स्थिति को रेखांकित करता है।
फिलहाल पंजाब की राजनीति में नशे का मुद्दा, कानून-व्यवस्था, विकास, रोजगार और संभावित चुनावी गठबंधन प्रमुख राजनीतिक विषयों में शामिल हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव तक इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच बहस और तेज होने की संभावना है।








