5 लाख के मुआवजे के लालच में बेटे ने की मां की हत्या

गुलदार के हमले की रची झूठी कहानीपोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज

शरीर पर मिले 30 से 35 चोटों के निशान, गर्दन की हड्डी और छह पसलियां टूटीं, आरोपी बेटा गिरफ्तार

हीमपुर दीपा। जिस मां ने नौ महीने अपनी कोख में रखकर बेटे को जन्म दिया, उसे चलना सिखाया और जीवनभर उसका सहारा बनी रही, उसी मां की उसके ही छोटे बेटे ने कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए आरोपी ने गुलदार के हमले की झूठी कहानी रच दी। पांच लाख रुपये के मुआवजे के लालच में की गई इस वारदात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हुआ तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई।


घटना हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम अजुपुरा जट्ट की है। सोमवार शाम गांव निवासी 70 वर्षीय बीरो देवी पत्नी स्वर्गीय मुन्ने सिंह अपने छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनीराम के साथ पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। कुछ समय बाद खबर फैली कि गुलदार ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी की।


घटना को गुलदार का हमला मानते हुए वन विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। चांदपुर रेंज के रेंजर दुष्यंत मावी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगवाया और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी शुरू कर दी। पूरे क्षेत्र में गुलदार की तलाश की जाने लगी।


वहीं, मौके पर पहुंचे चांदपुर तहसीलदार ओमकार सिंह ने मृतका के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा की। मृतका के बेटे मनीराम के लिखित आश्वासन मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदला रुख

मंगलवार शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले का रुख बदल गया। रिपोर्ट में सामने आया कि बीरो देवी की मौत किसी वन्य जीव के हमले से नहीं, बल्कि गला दबाने से हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार मृतका के शरीर पर छोटी-बड़ी करीब 30 से 35 चोटों के निशान मिले। उनकी गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी और छह पसलियों में भी फ्रैक्चर पाया गया।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनीराम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसका और उसकी मां का आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी खेत पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान उसने अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में घटना को गुलदार के हमले का रूप देने की कोशिश की।


पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पांच लाख रुपये के मुआवजे की राशि हासिल करने के लालच में हत्या को वन्य जीव के हमले के रूप में पेश किया।

आरोपी की पत्नी भी सदमे में

घटना के बाद आरोपी की पत्नी डोली भी गहरे सदमे में है। उसने बताया कि उसके पति अक्सर परिवार को लेकर समझदारी से रहने की बात कहते थे। उसे कभी अंदाजा नहीं था कि उसका पति इतना भयावह कदम उठा सकता है। डोली ने बताया कि उनके परिवार में 11 वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटा है।

वन्य जीवों पर झूठा आरोप लगाने वालों पर होगी कार्रवाई : रेंजर


पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद बिजनौर रेंज के रेंजर महेश गौतम ने बताया कि मृतका के शरीर पर 30 से 35 चोटों के निशान मिले हैं। गर्दन की हड्डी टूटने के साथ छह पसलियां भी टूटी हुई थीं। उन्होंने कहा कि किसी भी हत्या की घटना को बेजुबान वन्य जीव पर थोपने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से घटना की वास्तविकता सामने आ जाती है।

बड़े बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की

मृतका के बड़े बेटे रूपचंद ने थाने में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्राधिकारी चांदपुर देश दीपक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर घटना के संबंध में पूछताछ की गई है। पूछताछ में आरोपी द्वारा पांच लाख रुपये के मुआवजे के लालच में घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। मृतका के बड़े बेटे की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


इस घटना ने क्षेत्र में वन्य जीवों के हमले के नाम पर होने वाली संदिग्ध मौतों की जांच को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संदिग्ध मौतों का ठीकरा वन्य जीवों पर डाल दिया जाता है, क्योंकि वे अपनी सफाई नहीं दे सकते। अजुपुरा जट्ट की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि वैज्ञानिक जांच और ठोस साक्ष्यों के बिना किसी भी घटना को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना कितना गंभीर परिणाम दे सकता है।


फिलहाल, अजुपुरा जट्ट से लेकर हीमपुर दीपा के बाजार और चाय की दुकानों तक इस घटना की चर्चा है। जिस मां ने अपने बेटे को जन्म देकर जीवन दिया, उसी की हत्या के आरोप में बेटे की गिरफ्तारी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अब क्षेत्र की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।