ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस में भीषण आग, 9 लोगों की मौत; CM योगी और PM मोदी ने जताया दुख
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार बताए जा रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई यात्री झुलस गए।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दल ने करीब 30 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
नोएडा से आगरा जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बस नोएडा से आगरा की ओर जा रही थी। बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर क्षेत्र के पास पहुंची थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई।
बताया गया है कि घटनास्थल नोएडा से लगभग 34 किलोमीटर आगे जेवर कार्गो एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र है। चलती बस में आग लगने के बाद कुछ ही समय में लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
बस में आग लगते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, धुएं के कारण यात्रियों को बाहर निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के दौरान ज्यादातर यात्री बस के अंदर थे। कुछ यात्रियों के सो रहे होने की बात सामने आई है। अचानक आग और धुएं की स्थिति बनने के बाद यात्रियों को संभलने का मौका भी कम मिला।
बस के अंदर धुआं भरने से स्थिति और गंभीर हो गई। बाहर निकलने की कोशिश में यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ लोग खिड़कियों और दरवाजे के रास्ते बाहर निकलने में कामयाब रहे।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। आग पर नियंत्रण पाने के बाद बचाव दल ने बस के अंदर और आसपास तलाशी अभियान चलाया।
यात्री ने बताई हादसे की भयावह स्थिति
हादसे से बच निकली एक महिला यात्री ने बताया कि वह बस में सो रही थी। अचानक किसी के दरवाजा खटखटाने से उसकी नींद खुली। जागने पर उसने देखा कि बस में पहले से ही काफी भीड़ और अफरा-तफरी थी।
महिला के मुताबिक, उसने अपना सामान लेने की कोशिश नहीं की और केवल फोन लेकर बस से बाहर निकलने की कोशिश की। बाहर निकलते समय यात्रियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हो रही थी। किसी तरह एक व्यक्ति ने उसे बाहर खींच लिया।
यात्री ने बताया कि बस के अंदर धुआं इतना अधिक था कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। उसके अनुसार, कई यात्री उसके पीछे मौजूद थे और यह स्पष्ट नहीं था कि उनमें से कितने लोग बाहर निकल सके।
एक अन्य यात्री ने भी बताया कि जब वह सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद यात्री बाहर निकलने के लिए भागे, लेकिन धुएं और घबराहट के कारण बाहर निकलना आसान नहीं था। किसी तरह वह अन्य यात्रियों के साथ बस से बाहर निकल पाया।
30 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया
हादसे के बाद पुलिस और बचाव दल ने तेजी से राहत कार्य शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 30 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं, हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।
CM योगी आदित्यनाथ ने लिया हादसे का संज्ञान
ग्रेटर नोएडा में हुए इस हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के लिए उचित और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी लेते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से हादसे में मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया गया है।
सरकार की ओर से अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
PM मोदी ने भी जताया दुख
ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये दिए जाने की जानकारी दी गई है।
हादसे की वजह की जांच जारी
यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती बस में आग आखिर किस वजह से लगी, इसका स्पष्ट कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने तथा हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने की है।
पहले भी ग्रेटर नोएडा में हो चुका है बड़ा अग्निकांड
ग्रेटर नोएडा में इससे पहले भी आग से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आ चुकी है। कुछ समय पहले एक फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान दीवार और बीम गिरने से दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, मौजूदा बस हादसे में आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।










