बिजनौर में विदुर कुटी से गंगा बैराज तक तैयार होगा चौधरी चरण सिंह वन, 2190 पौधों से सजी हरियाली…
- 12 किलोमीटर में 3 किलोमीटर वन किया तैयार, वन में लहलहा रहे 25 प्रजातियों के पेड़, अब तक लगे 2190 पेड़ पौधे
- चौधरी चरण सिंह वन इस वन को गंगा बैराज तक 12 किलोमीटर तैयार करने का संगठन ने लिया संकल्प
- पांच वर्षों के सतत प्रयासों का परिणाम, 2190 पेड़ किए गए जीवित, 25 प्रजातियों से सुशोभित हुआ वन
अतिथियों ने शिलापट से पर्दा हटाकर किया वन का नामकरण
बिजनौर जनपद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमि पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने विदुर कुटी से लेकर गंगा बैराज तक लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में नहर के किनारे “चौधरी चरण सिंह वन” विकसित करने का संकल्प लिया है। इस वन का नामकरण गुरुवार को विधिवत कार्यक्रम के दौरान किया गया।
वन का स्वरूप और उपलब्धियां
- अब तक 3 किलोमीटर क्षेत्र में वन तैयार किया जा चुका है।
- वन में 25 प्रजातियों के पेड़ लगाए गए हैं।
- कुल 2190 पौधे जीवित और लहलहा रहे हैं।
- औषधीय पौधों से लेकर फलदार वृक्ष तक इस वन में शामिल किए गए हैं।
- लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में गंगा बैराज तक पूरे 12 किलोमीटर क्षेत्र में वन विकसित किया जाए।
नामकरण समारोह

विदुर कुटी के निकट मध्य गंगा नहर की पटरी पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों ने शिलापट से पर्दा हटाकर वन का नामकरण किया।
- कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने की।
- संचालन जिला महासचिव नितेंद्र प्रधान ने किया।
- उपस्थित प्रमुख अतिथियों में एडवोकेट चौधरी राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, राजीव चौहान, निरंकार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी, परियोजना निदेशक आलोक कुमार वर्मा, वन विभाग के रेंजर महेश गौतम, और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर शामिल रहे।
किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह का योगदान

किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने बताया कि यह वन उनके पांच वर्षों के सतत प्रयासों का परिणाम है।
- उन्होंने कहा कि हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का सपना अब धरातल पर उतर चुका है।
- इस अभियान में नितिन सिरोही ने पौध तैयार करने और अभियान को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
- वन को विकसित करने में रुबल तोमर, कपिल कुमार मंडावली, और कपिल कुमार काजीवाला का विशेष योगदान रहा।
- दिगंबर सिंह ने संकल्प लिया कि चौधरी चरण सिंह वन को गंगा बैराज तक विस्तारित किया जाएगा और इसमें भारत की हर प्रजाति का पेड़ लगाया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम

वन विभाग के रेंजर महेश गौतम ने कहा कि भाकियू अराजनैतिक ने पर्यावरण संवर्धन और संरक्षण में सराहनीय कार्य किया है।
- उन्होंने कहा कि यूनियन को इस तरह का नेक काम करते पहली बार देखा है।
- पर्यावरण के प्रति संगठन के लगाव को देखते हुए विदुर भूमि पर पेड़ों के संरक्षण और वन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई।
चौधरी चरण सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी दिगंबर सिंह किसानों के साथ-साथ गरीब, मजदूर और आमजन की समस्याओं को भी मजबूती से उठाते हैं।
- उन्होंने कहा कि शुद्ध भोजन, शुद्ध हवा, शुद्ध पानी और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए दिगंबर सिंह लगातार संघर्ष करते रहे हैं।
- यह वन चौधरी चरण सिंह, महेंद्र सिंह टिकैत और महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने का प्रतीक है।
पत्रकारों की दृष्टि

वरिष्ठ पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी ने कहा कि चौधरी दिगंबर सिंह हर बार जनहित के किसी नए मुद्दे पर सक्रिय दिखाई देते हैं।
- उन्होंने गुलदार की समस्या पर किसानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
- गंगा एक्सप्रेसवे और बिजनौर के विकास पर आंदोलन किया।
- पर्यावरण के क्षेत्र में मालन नदी की सफाई, नदी किनारे बांस रोपण और अब विदुर भूमि पर वन तैयार करना उनकी सोच का हिस्सा है।
- वन का नाम किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखना उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रतीक है।
संगठन की प्रेरणा और उपलब्धियां
जिला अध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही ने बताया कि चौधरी दिगंबर सिंह की प्रेरणा से चौधरी चरण सिंह वन में 2190 पेड़ जीवित किए गए हैं।
- वन में लगभग 25 प्रजातियों के पेड़ तैयार किए गए हैं।
- यह वन बिजनौर को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहचान दिलाएगा।




कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
- प्रमुख उपस्थितियों में राकेश प्रधान, सुरेंद्र सिंह, महबूब, रामेंद्र सिंह, मुखिया रामपाल सिंह, सरदार कुलदीप सिंह बाजवा, एहसान अहमद, अतुल कुमार बालियान, लोकेंद्र सिंह डोडभाल सहित सैकड़ों किसान शामिल रहे।
विदुर कुटी से गंगा बैराज तक चौधरी चरण सिंह वन का निर्माण बिजनौर के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
- यह वन न केवल हरियाली और शुद्ध वातावरण प्रदान करेगा बल्कि चौधरी चरण सिंह के विचारों को भी आगे बढ़ाएगा।
- किसानों के संघर्ष और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले संगठन ने अब पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है।
- आने वाले वर्षों में यह वन बिजनौर की पहचान बनेगा और भारत की हर प्रजाति का पेड़ यहां देखने को मिलेगा।









