बिजनौर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में ऐतिहासिक बंद
बिजनौर में बुधवार को ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के खिलाफ आईओसीडी (Indian Organization of Chemists and Distributors) के आह्वान पर अभूतपूर्व बंद देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। खासतौर पर दवा बाजार पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम नागरिकों को आवश्यक दवाइयाँ खरीदने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
विरोध का कारण
- ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्थानीय व्यापारियों और दवा विक्रेताओं का मानना है कि इससे पारंपरिक दुकानों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
- दवा विक्रेताओं का तर्क है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना उचित निगरानी के दवाइयाँ बेची जा रही हैं, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
- आईओसीडी ने इसे “व्यापारियों के अस्तित्व की लड़ाई” बताते हुए देशभर में विरोध का आह्वान किया था।
बंद का असर
- शहर के मुख्य बाजारों में लगभग सभी दुकानें बंद रहीं।
- दवा बाजार पूरी तरह ठप हो गया, जिससे मरीजों और आम नागरिकों को आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध नहीं हो सकीं।
- केवल कुछेक मेडिकल स्टोर खुले रहे, लेकिन वहाँ भी भीड़ और दवाइयों की कमी देखने को मिली।
व्यापारियों की मांग
- सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग की गई।
- स्थानीय व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
आम जनता की परेशानी
- बंद के कारण कई मरीजों को जरूरी दवाइयाँ नहीं मिल सकीं।
- लोगों ने कहा कि अचानक बंद से उन्हें काफी असुविधा हुई, खासकर उन मरीजों को जिन्हें नियमित दवाइयों की आवश्यकता होती है।
यह विरोध केवल बिजनौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में दवा विक्रेताओं द्वारा ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। यह आंदोलन भविष्य में दवा वितरण व्यवस्था और व्यापारिक नीतियों पर बड़ा असर डाल सकता है।







