नौकरी के सपनों ने प्लेटफॉर्म पर काटी रात, गर्मी-उमस में तड़पते रहे हजारों अभ्यर्थी

पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने बिजनौर पहुंचे युवाओं को नहीं मिली छत, स्टेशन-बस स्टैंड और सड़कों पर गुजरी रात, आँख खुलते ही पहुंचे परीक्षा केंद्र


बिजनौर (चिंगारी)। आँखों में सरकारी नौकरी पाने का सपना लिए उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने बिजनौर पहुंचे हजारों युवाओं के लिए परीक्षा से पहले की रात किसी संघर्ष और अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही। भीषण गर्मी, उमस और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, रोडवेज बस स्टैंड, फुटपाथों और खुले स्थानों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा। कोई बैग को सिरहाना बनाकर लेटा दिखाई दिया तो कोई पूरी रात जागकर सुबह होने का इंतजार करता रहा।


प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही बिजनौर पहुंच रहे हैं, लेकिन अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के चलते शहर के अधिकांश होटल और धर्मशालाएं पूरी तरह भर गईं। देर रात तक ठहरने की जगह तलाशते रहे युवाओं को जब कहीं आसरा नहीं मिला तो उन्होंने स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों को ही ठिकाना बना लिया।


सोमवार रात गर्मी और उमस ने हालात और कठिन बना दिए। खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले अभ्यर्थियों को गर्म हवाओं, मच्छरों और पेयजल की कमी जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ा। कई स्थानों पर बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी और सुबह होते ही बिना आराम किए सीधे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना हो गए।


अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बढ़ी मांग का फायदा उठाकर कुछ होटल संचालकों ने कमरों के किराए में मनमानी बढ़ोतरी कर दी। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक किराया मांगा जा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए अभ्यर्थियों के लिए इतनी रकम चुकाना संभव नहीं था, जिसके चलते उन्हें खुले में रात बितानी पड़ी।


जिले में तीन दिन होने वाली पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के लिए कुल 31,392 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा 12 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। सोमवार को पहले दिन दोनों पालियों में 8,016 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2,441 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। मंगलवार को भी जिले के सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई।


अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की उम्मीद लेकर आने वाले युवाओं को परीक्षा से पहले ही इतनी कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए। उनका सुझाव है कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान प्रशासन को सामुदायिक भवनों, विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी विश्राम केंद्र बनाकर ठहरने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को स्टेशन और सड़कों पर रात न गुजारनी पड़े। सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल,पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हौसैन व सत्यपाल सिंह व दीपक सैनी ने भी प्रशासन से भविष्य में ऐसी परीक्षाओं के दौरान आवास, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

उनका कहना है कि नौकरी की तलाश में घर से निकलने वाले युवाओं को परीक्षा से पहले ही परेशानियों की इस तपिश से नहीं गुजरना चाहिए। उनके सपनों को सहारा मिलना चाहिए, न कि प्लेटफॉर्म और फुटपाथों का सहारा लेना पड़े।