नशे की गिरफ्त में है बिजनौर, इस धंधे में शामिल हैं अभी कई और, दो महिलाओं की गिरफ्तारी से खुली बड़ी साजिश

सप्लाई चेन तोड़े बिना नहीं मिलेगी मुक्ति

बिजनौर (चिंगारी)। शहर में अवैध नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। शनिवार की रात को मोहल्ला मिर्दगान में दो महिलाओं की स्मैक के साथ गिरफ्तारी से इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि अभी कई लोग और हैं, जो अवैध नशीले पदार्थों का धंधा कर रहे हैं। साथ ही बड़ा सवाल यह है कि स्मैक जैसे नशीले पदार्थ की सप्लाई कौन कर रहा है।

जब तक पुलिस सप्लाई चेन को नहीं तोड़ेगी, तब तक युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती रहेगी। स्थानीय पुलिस ने शनिवार की रात को शहर कोतवाल अमर सिंह राठौर की अगुवाई में मोहल्ला मिर्दगान में एक मकान पर छापा मारकर रहनुमा उर्फ नूरी और तबस्सुम नामक दो सगी बहनों को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। नूरी 24 साल की है जबकि तबस्सुम 30 साल की है।

दोनों बहनें काफी दिनों से स्मैक बेचने का धंधा कर रही थीं। इससे पहले इनका भाई यह काम करता था। उसके गंभीर रूप से बीमार होने के बाद दोनों बहनों ने यह धंधा शुरू कर दिया। काफी दिनों से इनकी शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं। इन्होंने गैस के सिलेंडर में स्मैक छिपा रखी थी।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई नूरी व तबस्सुम को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर इसकी पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना आवश्यक है। जब तक नशीले पदार्थों के स्रोत और उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा।

युवा वर्ग को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। लगातार निगरानी, जागरूकता अभियान और तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है।