ब्रिक्स समिट 2026: दिल्ली में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा
दिल्ली में ब्रिक्स समिट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। राजधानी इस समय दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तड़के करीब तीन बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आज अहम बैठक निर्धारित है।
पुतिन और मोदी की बैठक
आज 11 सितंबर को पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक सहयोग पर गहन चर्चा होगी। संभावित मुद्दों में शामिल हैं:
- सुखोई 57 डील और S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी
- क्रूड ऑयल व्यापार और लोकल करेंसी में कारोबार
- आतंकवाद विरोधी सहयोग
- स्पेस सहयोग
- ड्रग तस्करी पर रोक
- नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर
अन्य राष्ट्राध्यक्षों का आगमन
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कल दिल्ली पहुंचेंगे और पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान आज दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे। शाम सवा 6 बजे उनकी पीएम मोदी के साथ बैठक होगी जिसमें मिडिल ईस्ट हालात पर चर्चा होगी।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम
सम्मेलन से पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक शुरू हो चुकी है। इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संबोधन दिया। रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेटनिकोव ने कहा:
- BRICS देशों का हिस्सा ग्लोबल इकॉनमी का एक-चौथाई है।
- रूस विदेशी व्यवसायों का स्वागत करता है और खुद को अवसरों वाली इकॉनमी बताता है।
- पिछले तीन सालों में रूस की GDP में लगभग 10% की वृद्धि हुई है।
- PPP आधार पर रूस दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी है।
दिल्ली में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
- दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
- नई दिल्ली इलाके में 35 सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित रहेगा।
- 22 डायवर्जेंट पॉइंट बनाए गए हैं ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम लोगों को परेशानी न हो।
दिल्ली इस समय वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का केंद्र बन गई है। आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों से न केवल भारत-रूस संबंध बल्कि ब्रिक्स देशों की सामूहिक रणनीति भी और मजबूत होने की उम्मीद है।










