बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल : बिजनौर में भी गूंजा आंदोलन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर 2026 को देशभर के बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और कर्मचारियों की लंबित मांगों को सरकार व बैंक प्रबंधन तक पहुंचाना था।
✦ प्रमुख मांगें
- पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह : कर्मचारियों का कहना है कि शनिवार को छुट्टी देने का प्रस्ताव लंबे समय से वित्त मंत्रालय में लंबित है।
- PLI योजना की समीक्षा : प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को कर्मचारियों ने असमान बताया।
- पेंशन सुधार : पुराने कर्मचारियों के लिए पेंशन लाभ और वेतन पुनरीक्षण को लेकर भी आवाज उठाई गई।
✦ बिजनौर में आंदोलन
बिजनौर के PNB मंडल कार्यालय में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना दिया।
- कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को दोहराया।
- ग्राहकों को नकद लेन-देन, चेक क्लियरिंग और शाखा सेवाओं में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
- डिजिटल सेवाएं जैसे UPI और नेट बैंकिंग चालू रहीं, लेकिन शाखा आधारित कार्य प्रभावित हुए।
✦ ग्राहकों पर असर
- हड़ताल शुक्रवार को हुई, जिसके बाद शनिवार (दूसरा शनिवार) और रविवार की छुट्टियों के चलते लगातार तीन दिन शाखाएं बंद रहीं।
- ग्रामीण और छोटे शहरों के ग्राहकों को सबसे अधिक परेशानी हुई, जहां डिजिटल लेन-देन का उपयोग सीमित है।
✦ आगे की रणनीति
- 28–30 सितंबर : तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान।
- 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल : यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो कर्मचारी लगातार हड़ताल पर जाएंगे।










