बिजनौर बनेगा सीएनजी उत्पादन का हब, 550 करोड़ के निवेश से बदलती तस्वीर
बिजनौर जिला अब ऊर्जा क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। यहां गन्ने की मैली (प्रेस मड), सुपर नेपियर ग्रास और पशुओं के गोबर से सीएनजी उत्पादन की दिशा में बड़े पैमाने पर काम शुरू हो चुका है। कुल 550 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश इस परियोजना में किया जा रहा है, जिसमें से 138 करोड़ रुपये पहले ही धरातल पर उतर चुके हैं।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना से किसानों को आर्थिक लाभ होगा क्योंकि उनके खेतों से निकलने वाली नेपियर ग्रास और पशुओं का गोबर सीधे सीएनजी उत्पादन में इस्तेमाल होगा। साथ ही, चीनी मिलों से निकलने वाली मैली भी कच्चे माल के रूप में काम आएगी। अनुमान है कि जिले में प्रतिदिन 60 टन सीएनजी का उत्पादन संभव होगा, जो बिजनौर के साथ-साथ आसपास के जिलों की खपत को भी पूरा कर सकेगा।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट के बाद भारत पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। बिजनौर की यह पहल उसी प्रयास का हिस्सा है। यहां बनने वाली सीएनजी से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
प्रमुख निवेशक कंपनियां
जिले में कई बड़ी कंपनियां सीएनजी उत्पादन के लिए निवेश कर रही हैं।
| कंपनी | क्षमता (टन/दिन) | निवेश (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| रिएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड | 25 | 250 |
| यूपी ग्रीन वेंचर्स | 6 | 25 |
| युवा बायो एनर्जी | 10 | 100 |
| आगमिक ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड | 8 | 40 |
तकनीकी प्रक्रिया
- प्रेस मड को गलाने से मीथेन गैस बनती है।
- इस गैस को उच्च दबाव पर कंप्रेस करने से सीएनजी तैयार होती है।
- कम दबाव पर पैक करने से पीएनजी बनती है, जिसका उपयोग घरेलू रसोई में किया जा सकता है।
- शुरुआत में यहां केवल सीएनजी उत्पादन होगा।
आगामी परियोजनाएं
- बुंदकी चीनी मिल के पास 100 करोड़ रुपये की लागत से सीएनजी प्लांट पर तेजी से काम चल रहा है।
- नजीबाबाद में सुपर नेपियर ग्रास आधारित सीबीजी प्लांट लगाया जा रहा है।
- स्योहारा, बिलाई और चांदपुर चीनी मिलों ने भी सीबीजी प्लांट लगाने का प्रस्ताव भेजा है।
- मथुरा की एक कंपनी जिले में एक हजार गायों की डेरी खोलकर गोबर से सीएनजी उत्पादन की तैयारी कर रही है।
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि बिजनौर जल्द ही इतनी सीएनजी बनाएगा कि बाहर से मंगाने की जरूरत नहीं होगी। उल्टा यहां से दूसरे जिलों को भी सीएनजी भेजी जा सकेगी।








