एएसपी सिटी के कथित दुर्व्यवहार से नाराज किसान दूसरे दिन भी धरने पर

भाकियू टिकैत के किसानों ने कहा—समस्याओं के समाधान तक नहीं होगी घर वापसी, प्रशासन पर लगाया डराने-धमकाने का आरोप


बिजनौर (चिंगारी)। एएसपी सिटी केजी सिंह के कथित दुर्व्यवहार से नाराज भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों का कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।


बताया गया कि भाकियू ने विभिन्न समस्याओं को लेकर गत दिवस जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम जसजीत कौर को सौंपा था। क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर एडीएम के नेतृत्व में जिले के कई अधिकारियों के साथ किसानों की वार्ता भी हुई, लेकिन वार्ता विफल रहने के बाद किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।


किसानों का आरोप है कि रात के अंधेरे में एएसपी सिटी केजी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को धमकाया। एएसपी के कथित दुर्व्यवहार से नाराज किसानों ने इसके बाद किसी भी अधिकारी से वार्ता करने से इनकार कर दिया। दूसरे दिन भी किसान कलेक्ट्रेट में धरने पर डटे रहे। सुबह धरनास्थल पर किसानों ने चाय, बिस्कुट और जलेबी से नाश्ता किया।


वहीं, प्रशासन की ओर से किसानों को मनाने और वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने कहा कि अब भारतीय किसान यूनियन की कोर कमेटी इस मामले में निर्णय लेगी और प्रशासन की कथित तानाशाही का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्याओं का समाधान होने तक किसान घर वापस नहीं लौटेंगे।


धरने पर जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान के अलावा बाबूराम तोमर, मुकेश जंघाला, कोमन सिंह, राजेंद्र सिंह, मोनू प्रधान, अमित चौहान, रजनीश अहलावत, गौरव जंघाला, संदीप त्यागी, नीतू चौधरी, कविराज सिंह, डॉ. विजय सिंह, पंकज शेरावत, प्रमोद कुमार, आशु चौधरी समेत अन्य किसान मौजूद रहे।