बिजनौर में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश
बिजनौर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो हनीट्रैप के जरिए लोगों को झूठे दुष्कर्म और गैंगरेप मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। यह गिरोह न केवल यौन शोषण के झूठे केस दर्ज कराता था, बल्कि जमीन-जायदाद विवाद और लेन-देन के मामले भी इसी तरीके से निपटाता था।
गिरफ्तारी और जांच
- पुलिस ने गिरोह के सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
- तीन अन्य की तलाश जारी है और 10 संदिग्ध आरोपी पुलिस के रडार पर हैं।
- प्राथमिक जांच में अमरोहा और बिजनौर के अलग-अलग थानों में दर्ज 11 झूठे केस सामने आए हैं।
केस दर्ज कराने का तरीका
- गिरोह कोर्ट के आदेश के जरिए एफआईआर दर्ज कराता था।
- सभी केस में आरोपों की भाषा एक जैसी होती थी — जैसे “दवाई लेने जा रही थी” या “बाजार जा रही थी”।
- मेडिकल जांच और तकनीकी साक्ष्य कभी पेश नहीं किए गए।
- बाद में इन मामलों में फाइनल रिपोर्ट लग जाती थी और केस अदालत तक नहीं पहुंचते थे।
जमीन और रंजिश के विवाद
- गिरोह ने कई बार जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के मामलों में भी झूठे केस दर्ज कराए।
- विपक्षी पक्ष को दबाव में लाकर मकान खाली कराए गए और मनचाहे फैसले करवाए गए।
कारोबारी का मामला
- बिजनौर के एक मंडप कारोबारी ने गिरोह की मदद से अपने विपक्षी के खिलाफ झूठा दुष्कर्म केस दर्ज कराया।
- केस दर्ज होने के बाद विपक्षी पक्ष दबाव में आया और कारोबारी की फंसी रकम लौटा दी।
- बाद में केस खत्म करा दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
- पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
- पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
- जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अमरोहा और बिजनौर के कई थानों और अदालतों में झूठे केस दर्ज कराए थे।








