गंगा बैराज पर 1.21 लाख क्यूसेक से अधिक जलप्रवाह, तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, मालन नदी में उफान, रावली रपटा डूबा

बिजनौर जिले में लगातार हो रही पहाड़ी बारिश ने मालन और गंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। मालन नदी में उफान आने से रावली रपटे पर पानी बहने लगा, जिसके कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे पानी के बीच से गुजरने का प्रयास न करें।

गंगा बैराज पर जलप्रवाह 1.21 लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

प्रशासनिक तैयारी

  • तटबंध निगरानी: संभावित कटाव और रिसाव को रोकने के लिए चौकसी बढ़ाई गई है।
  • गंगा बैराज जलस्तर: जलप्रवाह पर लगातार माप और रिपोर्टिंग की जा रही है।

स्थानीय प्रभाव

  • ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बाधित हो रही है।
  • किसानों को खेतों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
  • प्रशासन ने राहत दलों को तैयार रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

मालन और गंगा नदियों में बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।