आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापनसीएचसी हेल्थर में डॉक्टरों पर अभद्र व्यवहार और शोषण के आरोप, कार्रवाई की मांग
बिजनौर (चिंगारी)।
आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन, बिजनौर के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सीएचसी हेल्थर में तैनात डॉक्टरों पर अमर्यादित व्यवहार, मानसिक एवं शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सीएचसी हेल्थर पर 19 मई 2026 को आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान एमओआईसी डॉ. जितेन्द्र कुमार और डॉ. राजीव द्विवेदी की निगरानी में लाभार्थियों एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नसबंदी केस लेकर पहुंची महिलाओं के साथ मारपीट और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। विरोध करने पर आशाओं को भी भला-बुरा कहा गया।
आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नसबंदी शिविर के दौरान ओटी रूम में बाहरी पुरुषों को बुलाया गया, जिससे महिलाओं का मानसिक और शारीरिक शोषण हुआ। उन्होंने कहा कि सीएचसी हेल्थर में लगातार आशाओं को परेशान किया जा रहा है और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है।
ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा डॉ. राजीव द्विवेदी और डॉ. जितेन्द्र कुमार को सीएचसी हेल्थर से हटाया जाए। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर आशा कार्यकर्ताओं एवं लाभार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे हेल्थर सीएचसी में नसबंदी कार्य का बहिष्कार करेंगी।
प्रदर्शन में संगठन की जिलाध्यक्ष संगीता देवी, जिला महामंत्री रबी चौधरी, उपाध्यक्ष रजनी देवी, कोषाध्यक्ष रश्मि शर्मा, संगठन मंत्री प्रेमलता, संयुक्त मंत्री अनीता, प्रदेश अध्यक्ष कुसुम लता यादव, प्रदेश महामंत्री पिंकी तथा संरक्षक के.एन. तिवारी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।








