डीएसएम ग्रुप के संस्थापक विजय कुमार गोयल का निधन…
86 साल की उम्र में फ्रेंड्स कॉलोनी दिल्ली स्थित आवास पर अंतिम सांस ली
शुगर उद्योग में शोक व्याप्त
बिजनौर/नई दिल्ली (चिंगारी)। उत्तर भारत के ‘शुगर किंग’ कहे जाने वाले धामपुर शुगर मिल्स (डीएसएम) ग्रुप के संस्थापक कुंवर विजय कुमार गोयल का आज पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे फ्रेंड्स कॉलोनी दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। वह लगभग 86 वर्ष के थे।
उनके निधन से शुगर उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई।धामपुर बायो आर्गेनिक प्रा.लि. के डायरेक्टर संदीप कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुंवर विजय कुमार गोयल पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। आज लगभग 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से डीएसएम ग्रुप सहित देश के समस्त चीनी उद्योग में शोक व्याप्त हो गया।कुंवर विजय कुमार गोयल को शुगर इंडस्ट्री का ‘भीष्म पितामह’ कहा जाता था।
उन्होंने अपनी उद्यमशीलता का परिचय देते हुए धामपुर शुगर मिल का विस्तार किया। एक शुगर मिल से शुरूआत कर देश को 5 शुगर मिल दीं। विजय कुमार गोयल को देश में शुगर इंडस्ट्री में नई टेक्नोलॉजी लाने का श्रेय प्राप्त है। उन्होंने डीएसएम ग्रुप को नये आयाम दिये। उनकी लगन, मेहनत, मेधा और उद्यमशीलता के कारण डीएसएम ग्रुप देश ही नहीं तमाम दुनिया में अपनी पहचान रखता है।
पिछले साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजय कुमार गोयल को लाइव टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था। चिंगारी परिवार कुंवर विजय कुमार गोयल की आत्मा की शांति के लिये परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता है।बच्चों से विशेष लगाव रहाकुंवर विजय कुमार गोयल को बच्चों से विशेष लगाव था। उन्होंने अपनी शुगर इकाइयों में पुष्प निकेतन के नाम से बच्चों के स्कूल स्थापित किये, जिनमें उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाता है। श्री गोयल की खेलों में भी विशेष रूचि थी। विशेष रूप से उन्होंने स्क्वैश के कोर्ट बनवाये और उनमें शुगर मिल के श्रमिकों के होनहार बच्चों को प्रशिक्षित किया।
आज कई युवा स्क्वैश में डीएसएम ग्रुप और भारत देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर रहे हैं।मानवीय पहलुओं को तरजीह दीसंदीप शर्मा ने कुंवर विजय कुमार गोयल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्री गोयल एक संवेदनशील एवं दूरदर्शी उद्यमी थे। उन्होंने मशीनीकरण के साथ-साथ मानवीय पहलुओं को भी तरजीह दी। हजारों युवाओं को रोजगार दिया।
डीएसएम परिवार के मुखिया और अभिभावक के रूप में उन्होंने सभी श्रमिकों और मिल अधिकारियों को अपने स्नेह की धारा से सिंचित किया। कुछ साल पहले डीएसएम दो समूह डीएसएम व धामपुर बायो आर्गेनिक प्रा.लि. में विभाजित हुई, लेकिन कुंवर विजय कुमार गोयल का स्नेह व आशीर्वाद समूचे डीएसएम परिवार को मिलता रहा.
अंजान व्यक्ति को एक किडनी डोनेट कर दी थी
संदीप शर्मा ने बताया कि विजय कुमार गोयल की छत्रछाया में हजारों परिवारों को न केवल रोजगार मिला, बल्कि उन्होंने सैकड़ों युवाओं का मार्गदर्शन भी किया। उनकी संवेदनशीलता की पराकाष्ठा यह रही कि एक बार हैदराबाद में वे किसी अंजान व्यक्ति को अपनी एक किडनी डोनेट कर आये थे।






