NEET पेपर लीक विवाद: सुप्रीम कोर्ट में NTA को भंग करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका

NEET पेपर लीक विवाद के बीच United Doctors Front ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इसमें मौजूदा National Testing Agency (NTA) को भंग करने और संसद के कानून के जरिए एक नई वैधानिक परीक्षा संस्था बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं का संचालन करने वाली संस्था के पास मजबूत कानूनी ढांचा और जवाबदेही होना जरूरी है।

याचिका की मुख्य बातें

  • मौजूदा NTA सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत गठित है।
  • याचिका में कहा गया है कि इसे खत्म कर संसद में कानून लाकर नई संस्था बनाई जाए।
  • नई संस्था के पास स्पष्ट कानूनी अधिकार, पारदर्शिता के सख्त नियम और संसद के प्रति जवाबदेही होनी चाहिए।
  • याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं के लिए एक मजबूत और पारदर्शी ढांचा अनिवार्य है।

CBI जांच में नए खुलासे

NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कई अहम जानकारियां उजागर की हैं।

  • गिरफ्तार मास्टरमाइंड लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ में नेटवर्क का खुलासा हुआ।
  • कुलकर्णी के साथ मनीषा वाघमारे और दो अन्य लेक्चरर भी शामिल थे।
  • CBI इन दोनों फरार लेक्चररों की तलाश में पुणे और लातूर में छापेमारी कर रही है।
  • आरोप है कि छात्रों को नोटबुक में सवाल-जवाब लिखवाए गए थे।
  • मनीषा वाघमारे के नाम से नया बैंक खाता खोला गया था, जिसमें छात्रों से लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए गए।
  • यह खाता फिलहाल सीज कर दिया गया है और लेनदेन की जांच जारी है।

मामला क्यों गंभीर है

यह विवाद केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

  • छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
  • परीक्षा एजेंसी की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका से यह बहस तेज हो गई है कि क्या NTA को संसद के कानून से पुनर्गठित करना चाहिए।