प्रबल हत्याकांड: उम्रकैद की सजा काट रहे सात अभियुक्तों को हाईकोर्ट से जमानत, अपील पर सुनवाई के दौरान मिली राहत

बिजनौर। चर्चित प्रबल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे सात अभियुक्तों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की इलाहाबाद पीठ ने आज मामले में आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए अभियुक्तों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। जमानत पाने वाले अभियुक्तों में संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अनुज गुप्ता, राहुल गुप्ता, निखिल अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल और आशीष अग्रवाल शामिल हैं।


जानकारी के अनुसार, अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। इसी अपील के साथ जमानत के लिए भी प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया था। मंगलवार को हाईकोर्ट में कोर्ट नंबर 43 में सीरियल नंबर 51 पर इन अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई।

करीब 11 बजे शुरू हुई सुनवाई के दौरान अभियुक्त पक्ष की ओर से मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का हवाला दिया गया। अभियुक्त पक्ष की ओर से यह तर्क रखा गया कि मुकदमे के दौरान अधिकांश गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए थे और वे पक्षद्रोही हो गए थे।

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से मुख्य रूप से प्रबल की बहन प्राची की गवाही को अभियुक्तों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा गया था। अभियुक्त पक्ष ने हाईकोर्ट के समक्ष मामले के साक्ष्यों और गवाहों की स्थिति को आधार बनाते हुए जमानत दिए जाने का अनुरोध किया।

सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार तिवारी की पीठ ने सातों अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद लंबे समय से जेल में बंद अभियुक्तों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

बताया गया है कि सभी सात अभियुक्त वर्तमान में सेंट्रल जेल बरेली में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद अब निर्धारित कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के उपरांत उनकी रिहाई का रास्ता साफ होगा।