ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर चढ़े राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेता सड़क पर

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दिल्ली में जोरदार हो गया। चुनाव प्रक्रिया में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर उठ रहे सवालों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने संसद परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की।

विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नाम दिया है। मार्च में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

बैरिकेडिंग पर चढ़े राहुल गांधी

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा, “Gyanesh, it’s done, bro…”

विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नेताओं और सांसदों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। कुछ सपा सांसद भी बैरिकेडिंग पर बैठे नजर आए। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिया।

हालांकि, प्रियंका गांधी कुछ देर बाद पुलिस बस से बाहर निकल आईं। वहीं राहुल गांधी ने भी बस से बाहर आने के बाद आकाशवाणी भवन की ओर जाने का प्रयास किया।

19 विपक्षी दलों के सांसद मार्च में शामिल

INDIA गठबंधन के इस विरोध मार्च में करीब 19 विपक्षी दलों के सांसदों के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J) शामिल हैं।

विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग को विपक्ष की चिंताओं का जवाब देना चाहिए।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

विपक्ष के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई। संसद परिसर से लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने वाले मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।

प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी सवाल उठाए।

संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद ज्यादा है। उनके मुताबिक संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय और मंत्रियों के आवासों तक सुरक्षा बढ़ाई गई है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में CISF और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

इमरान मसूद ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को चारों तरफ से सील जैसा कर दिया गया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जा रही है।

इमरान मसूद ने कहा कि अगर इस स्थिति को आपातकाल नहीं कहा जा सकता तो फिर इसे क्या कहा जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव जैसी संवैधानिक संस्था पर देश की जनता का लंबे समय से भरोसा रहा है और विपक्ष उस भरोसे को बनाए रखने की मांग कर रहा है।

SIR को लेकर लगातार आमने-सामने सरकार और विपक्ष

दरअसल, SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इसे लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में INDIA गठबंधन ने दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का फैसला किया।

दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों की ओर से मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जाता रहा है। SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच अब दिल्ली में विपक्ष का यह प्रदर्शन मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आया है।

आगे बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव

राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के सड़क पर उतरने से यह साफ है कि SIR का मुद्दा विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक विषय बन चुका है। चुनाव आयोग के खिलाफ इस्तीफे की मांग और प्रदर्शन के बाद आने वाले दिनों में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल दिल्ली में विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने में जुटी हैं।