नकली दवाओं के कारोबार पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, बिजनौर से नकली दवाओं के गिरोह का सरगना गिरफ्तार, एसटीएफ उत्तराखण्ड की बड़ी सफलता
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने नकली दवाओं के निर्माण और ऑनलाइन बिक्री करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी चांदपुर, जनपद बिजनौर (उ0प्र0) को गिरफ्तार किया है।
गिरोह का नेटवर्क और पुराना इतिहास
- नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कम्पनी: विशद कुमार इस कम्पनी का मालिक है, जिस पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर बनाने के आरोप लगे थे।
- वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी इस कम्पनी की जांच और सैंपलिंग की थी।
- कम्पनी का औषधि निर्माण लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
एसटीएफ की कार्रवाई
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देश पर गठित टीम ने गिरोह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी।
- पहले जतिन (निवासी सम्भल) और गौरव त्यागी (निवासी देहरादून) को गिरफ्तार किया गया था।
- जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए मुख्य सरगना विशद कुमार तक पहुंच बनाई गई और उसे बिजनौर से दबोच लिया गया।
फैक्ट्री पर छापा
- 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित फैक्ट्री पर छापा मारा गया।
- मौके से लगभग 3 किलो कम्प्रेस्ड टैबलेट और 34 पंच उपकरण बरामद हुए।
- फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त
- विशद कुमार पुत्र भीम सिंह निवासी गली नं.-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
एसटीएफ टीम
निरीक्षक सुधीर कुमार, निरीक्षक यादविंदर सिंह बाजवा, उपनिरीक्षक दीपक मेठाणी, उपनिरीक्षक कमाल हसन, अ0उ0नि0 योगेन्द्र चौहान, कांस्टेबल रवि पंत, दीपक चन्दोला, प्रशान्त चौहान और दीपक नेगी।
आमजन से अपील
एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। यदि कहीं नकली दवाओं का निर्माण या बिना लाइसेंस फैक्ट्री संचालित होती दिखे तो तत्काल सूचना दें।
📞 हेल्पलाइन: 9412029536 सूचनाकर्ता का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।









