बिजनौर में अनिल सोती हत्याकांड: सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल से पुलिस की जांच, हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

बिजनौर में 82 वर्षीय अनिल कुमार सोती की गला दबाकर हत्या के मामले ने पूरे जिले को हिला दिया है। पुलिस अब इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए बिजनौर‑मुरादाबाद स्टेट हाईवे और नूरपुर मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। उद्देश्य है कि बाग में दाखिल होने वाली संदिग्ध गाड़ियों और वहां आने‑जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

28 बीघा के बाग में मिला शव

अनिल कुमार सोती नूरपुर मार्ग पर स्थित 28 बीघा के बाग में बनी कोठी में अकेले रहते थे। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे उनका शव घर के भीतर पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी। अंतिम संस्कार में उनके भांजे आलोक शर्मा (निवासी दिल्ली) ने चिता को मुखाग्नि दी।

भूमाफिया पर हत्या का आरोप

आलोक शर्मा ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उनके मामा को भूमाफिया लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस संबंध में शिकायत भी की गई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि जमीन विवाद को लेकर गौरव सोती, शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना ने साजिश रचकर नावेद और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या कराई है।

जमीन विवाद अदालत में विचाराधीन

मृतक की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। बताया गया कि इस विवाद को लेकर मृतक को लगातार दबाव और धमकियाँ मिल रही थीं।

कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज पर फोकस

पुलिस ने नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है ताकि हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा कई पुलिस टीमें नूरपुर मार्ग और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। मकसद यह जानना है कि घटना के समय बाग में कौन‑कौन सी गाड़ियाँ दाखिल हुईं और किन लोगों की आवाजाही रही।

जांच के कई पहलुओं पर काम

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई कोणों से की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।