संबित पात्रा का विपक्ष पर हमला: ‘ज्ञानेश जी नहीं, गणेश जी कर रहे हैं बीजेपी की मदद’
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा की मदद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि भगवान गणेश कर रहे हैं।
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा को किसी व्यक्ति विशेष की वजह से राजनीतिक लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि देश की जनता के विवेक और समझ पर पार्टी को भरोसा है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “हमारी मदद ज्ञानेश जी नहीं कर रहे हैं, हमारी मदद गणेश जी कर रहे हैं।”
उन्होंने भगवान गणेश को बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक का देवता बताते हुए कहा कि देश की जनता के पास इतनी समझ है कि वह राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के कार्यों का आकलन कर सकती है।
फॉर्म-6 के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने फॉर्म-6 से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रहा है, लेकिन जनता पूरे मामले को समझ रही है।
पात्रा ने दावा किया कि मतदाताओं के पास यह तय करने का विवेक है कि उन्हें किस राजनीतिक दल और नेता का समर्थन करना है। उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के मुद्दे पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जनता ऐसे लोगों को वोट नहीं देना चाहती जो परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति करते हैं या आतंकवादियों के प्रति नरम रुख रखते हैं। पात्रा ने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग कैप्टन स्मित के लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तक नहीं कर सकते, उन्हें जनता अपना वोट क्यों देगी।
‘देश नहीं झुकने दूंगा’ वाले नेतृत्व को वोट देने की अपील
संबित पात्रा ने अपने संबोधन में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करते हुए कहा कि मतदाताओं को ऐसे नेतृत्व का समर्थन करना चाहिए जो देश की मजबूती और सुरक्षा की बात करता है।
उन्होंने कहा, “वोट देना है तो उसको देना है जिसने कहा है- मैं देश नहीं झुकने दूंगा।”
चुनाव आयोग को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।









