किसानों ने मुआवज़े और मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
बिजनौर में किसानों का आंदोलन तेज
बिजनौर ज़िले में किसानों ने अपनी ज़मीनों के अधिग्रहण और मुआवज़े को लेकर बड़ा कदम उठाया है। गोरखपुर–शामली हाईवे किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा और परिवहन मंत्री एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
किसानों की मुख्य मांगें
- भूमि मुआवज़ा दर: किसानों ने मांग की है कि अधिग्रहित भूमि का मुआवज़ा वर्तमान बाज़ार दर से कम से कम 10 गुना दिया जाए।
- न्यायसंगत मूल्यांकन: किसानों का कहना है कि मौजूदा दरें उनकी ज़मीन और आजीविका के वास्तविक मूल्य को नहीं दर्शातीं।
- सरकारी हस्तक्षेप: उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सरकार इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर किसानों को राहत प्रदान करे।
संघर्ष समिति का रुख
गोरखपुर–शामली हाईवे किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। समिति का मानना है कि किसानों की ज़मीन उनके जीवनयापन का आधार है और उचित मुआवज़ा दिए बिना अधिग्रहण करना अन्यायपूर्ण है।










