BRICS शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र ने बदला वैश्विक एजेंडा, गवर्नेंस सुधार से लेकर AI और आतंकवाद विरोध तक
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह मंच अब केवल आर्थिक सहयोग और डॉलर के विकल्प तक सीमित नहीं है। नई दिल्ली घोषणापत्र ने BRICS को एक व्यापक वैश्विक मंच के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें ग्लोबल गवर्नेंस सुधार, वित्तीय व्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी नवाचार (AI और क्वांटम), आतंकवाद विरोध और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूत करना शामिल है।
🌍 ग्लोबल गवर्नेंस सुधार
BRICS ने इस बार सबसे बड़ा जोर संयुक्त राष्ट्र सुधार पर दिया। घोषणापत्र में कहा गया कि UNSC, IMF, वर्ल्ड बैंक और WTO जैसी संस्थाएं अब पुरानी हो चुकी हैं और दुनिया की बदलती वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करतीं।
- भारत के लिए महत्व: चीन और रूस ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
- संदेश: वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना ही असली न्याय है।
💰 वित्तीय व्यवस्था और वैकल्पिक नेटवर्क
BRICS ने स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य कोई नई करेंसी लॉन्च करना नहीं है, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में विकल्प बढ़ाना है।
- स्थानीय मुद्राओं में व्यापार: डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय करेंसी में व्यापार को बढ़ावा।
- New Development Bank: इसे मजबूत करने पर जोर ताकि विकासशील देशों को वित्तीय विकल्प मिल सकें।
- क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स: भुगतान प्रणालियों की इंटरऑपरेबिलिटी पर काम।
🌐 BRICS का विस्तार
BRICS अब केवल पांच देशों तक सीमित नहीं है। इसमें ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे नए सदस्य जुड़े हैं।
- नए सदस्य देश: विस्तार से BRICS की ताकत बढ़ी।
- ग्लोबल साउथ की आवाज़: विकासशील देशों को सामूहिक रूप से अपनी बात रखने का मंच मिला।
📦 ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग
BRICS ने एकतरफा टैरिफ और संरक्षणवाद का विरोध किया।
- ट्रेड सुधार: सवाल उठाया कि ग्लोबल ट्रेड के नियम कौन बनाता है और क्या वे विकासशील देशों के लिए न्यायसंगत हैं।
- मैन्युफैक्चरिंग: MSMEs, ग्लोबल वैल्यू चेन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर।
- भारत का लाभ: यह सीधे तौर पर “मेक इन इंडिया” और मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्यों से जुड़ा है।
🤖 टेक्नोलॉजी एजेंडा
नई दिल्ली घोषणापत्र ने तकनीक को केवल आर्थिक विकास का साधन नहीं, बल्कि रणनीतिक शक्ति का आधार माना।
- AI और क्वांटम: BRICS ने इन तकनीकों को भविष्य की शक्ति बताया।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: कनेक्टिविटी और डिजिटल सहयोग को बढ़ावा।
आतंकवाद विरोध
BRICS ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाया।
- पहल्गाम हमला: 22 अप्रैल 2025 के आतंकी हमले की निंदा।
- आतंकी फंडिंग: आतंक की फंडिंग, सीमा-पार आवाजाही और सुरक्षित पनाहगाहों पर सख्ती।
- संदेश: आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
सारांश तालिका
| मुद्दा | BRICS का रुख | भारत के लिए महत्व |
|---|---|---|
| ग्लोबल गवर्नेंस | UNSC, IMF, WTO सुधार | UNSC में भारत की भूमिका |
| वित्तीय व्यवस्था | स्थानीय करेंसी, NDB | डॉलर निर्भरता कम करना |
| विस्तार | नए सदस्य देश | ग्लोबल साउथ की आवाज़ |
| ट्रेड | संरक्षणवाद का विरोध | भारतीय निर्यात को बढ़ावा |
| मैन्युफैक्चरिंग | MSMEs, सप्लाई चेन | मेक इन इंडिया |
| टेक्नोलॉजी | AI, क्वांटम, डिजिटल | भारत की टेक्नोलॉजी लीडरशिप |
| आतंकवाद | कड़ा रुख, हमलों की निंदा | सुरक्षा और स्थिरता |










