दादी को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा पर निकले युवा, रास्ते भर हुआ फूलों से स्वागत
बृजघाट से शुरू हुई अनोखी श्रद्धा यात्रा, युवाओं ने पेश की सेवा और संस्कार की मिसाल
नजीबाबाद। सावन माह में कांवड़ यात्राओं का उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में बृजघाट क्षेत्र से एक अनोखी और प्रेरणादायक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां कुछ युवाओं ने अपनी वृद्ध दादी को विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ में बैठाकर धार्मिक यात्रा शुरू की है। युवाओं की इस सेवा भावना और अपने बुजुर्गों के प्रति सम्मान को देखकर लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, युवकों का यह जत्था अपनी दादी को साथ लेकर श्रद्धा और भक्ति के भाव से यात्रा पर निकला है। यात्रा के दौरान जहां भी यह जत्था पहुंच रहा है, स्थानीय लोग उनका स्वागत कर रहे हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने फूल बरसाकर तथा मालाएं पहनाकर यात्रियों का अभिनंदन किया।
यात्रा में शामिल युवाओं का कहना है कि वे अपनी दादी को धार्मिक यात्रा का अनुभव कराना चाहते थे, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनके लिए पैदल चलना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने उन्हें कांवड़ में बैठाकर यात्रा कराने का निर्णय लिया। युवाओं की इस पहल को देखकर क्षेत्र में सकारात्मक संदेश जा रहा है और लोग इसे भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के सम्मान का उत्कृष्ट उदाहरण बता रहे हैं।
रास्ते में श्रद्धालुओं ने युवकों के उत्साह, समर्पण और सेवा भावना की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि आधुनिक समय में भी युवाओं द्वारा अपने बुजुर्गों के प्रति ऐसा सम्मान समाज के लिए प्रेरणादायक है। यात्रा के दौरान भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।







