स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिजनौर पहुंचे:’गविष्ठ यात्रा’ पर लोगों को संबोधित किया, जोरदार स्वागत हुआ


स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी ‘गविष्ठ यात्रा’ के तहत आज बिजनौर पहुंचे। यहां कई स्थानों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। राजमिलन बैंक्वेट हॉल में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यात्रा का उद्देश्य गौ माता के ‘प्राण और प्रतिष्ठा’ की रक्षा बताया।


गौ माता की प्रतिष्ठा और प्राण रक्षा का संदेश

बिजनौर में आज का दिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष रहा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी ‘गविष्ठ यात्रा’ के अंतर्गत यहां पहुंचे और लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यात्रा का उद्देश्य गौ माता की ‘प्राण और प्रतिष्ठा’ की रक्षा करना है, जिसे उन्होंने सभा में विस्तार से समझाया।

राजमिलन बैंक्वेट हॉल में आयोजित सभा में स्वामीजी ने कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म का आधार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गौ माता का संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह कृषि, पर्यावरण और समाज की समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है।


यात्रा का उद्देश्य और महत्व

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक प्रचार नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक प्रयास है।

  • गौ संरक्षण: उन्होंने कहा कि गौ माता का दूध, गोबर और गौमूत्र भारतीय जीवनशैली में औषधीय और कृषि उपयोग के लिए अमूल्य हैं।
  • सांस्कृतिक पहचान: गौ माता भारतीय संस्कृति की पहचान हैं और उनका सम्मान करना हमारी परंपरा का हिस्सा है।
  • पर्यावरण संतुलन: गौ पालन से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

बिजनौर में स्वागत और जनसमर्थन

स्वामीजी के आगमन पर बिजनौर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उनका स्वागत किया। जगह-जगह फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया और श्रद्धालुओं ने यात्रा में भाग लेकर अपना समर्थन जताया।

सभा में उपस्थित लोगों ने गौ माता की रक्षा के संकल्प को दोहराया और स्वामीजी के संदेश को आगे बढ़ाने का वचन दिया।