पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, ताशकंद में हुई अहम वार्ता

ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा गया। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने एक भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई, जिसमें रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया गया।

सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान का “सुप्रीम अवार्ड” दिया गया। यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे होते रिश्तों और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु

ताशकंद में हुई वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने कई अहम फैसले लिए:

  • समन्वय परिषद: विदेश मंत्री स्तर पर एक Coordination Council का गठन होगा।
  • संयुक्त आयोग: सचिव स्तर से मंत्री स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया गया।
  • बिज़नेस समिट: दोनों देशों के बिज़नेस लीडर्स की भागीदारी के साथ आयोजन होगा।
  • यूरेनियम आपूर्ति: दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी।
  • सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट: तीन नई व्यवस्थाओं की घोषणा की गई।

तकनीक और विकास पर सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के “न्यू ताशकंद” मेगा-प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए भारत के गुजरात में बने GIFT सिटी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भारत आकर तकनीकी उपयोग का अध्ययन कर सकता है।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने भारत की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास, डिजिटलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक मामलों में भारत की आवाज़ और प्रभाव और भी मज़बूत हुआ है।