नेपाल फ्लैश फ्लड: 178 मौतें, 800 से ज्यादा लापता

काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 178 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 800 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें लगभग 300 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। राहत और बचाव कार्य बड़े पैमाने पर जारी है, लेकिन मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बाढ़ का कारण तिब्बत क्षेत्र में आए भूकंप को माना जा रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने संसद में बताया कि सुबह 8:37 बजे आए झटकों के कुछ ही मिनट बाद अचानक बाढ़ आ गई। आशंका है कि भूकंप के कारण ग्लेशियर फटने से यह आपदा आई। बाढ़ भोटे कोशी नदी से होकर रसुवा और धाडिंग जिलों में फैली और कई कस्बों व गांवों को तबाह कर गई।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और उफान के कारण तिमुरे शहर में भारी बाढ़ आई। दर्जनों हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है और कई पुल बह गए हैं।

भारतीय नागरिकों पर असर

  • 300 भारतीय लापता, जिनमें 59 कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं।
  • 130 से ज्यादा भारतीय पर्यटक का संपर्क टूट गया है।
  • तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

चीन में भी असर

  • चीन के तिब्बत क्षेत्र में तीन लोगों की मौत और 265 से ज्यादा लोग लापता बताए गए हैं।
  • चीनी मीडिया ने कहा कि 588 लोग अब भी लापता हैं।

भारत की मदद

एनडीआरएफ आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि गाजियाबाद में चार टीमें रिजर्व रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें नेपाल भेजा जा सकता है। भारत सरकार पहले ही राहत सामग्री भेज चुकी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि 37.5 टन मानवीय सहायता और दवाइयां लेकर दूसरी फ्लाइट नेपाल रवाना हो चुकी है।

हेल्पलाइन नंबर

  • चीन में भारतीय नागरिक स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं: 0086 139 8999 0012
  • बीजिंग में भारतीय दूतावास: 0086 185 1428 4905
  • काठमांडू में भारतीय दूतावास: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500

मुख्य बिंदु

  • 178 मौतें और 800 से ज्यादा लापता
  • भोटे कोशी नदी से आई बाढ़ ने रसुवा और धाडिंग जिलों को प्रभावित किया।
  • भारत ने राहत सामग्री भेजी, एनडीआरएफ टीमें रिजर्व में।
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री सबसे ज्यादा प्रभावित।

यह आपदा नेपाल और भारत दोनों के लिए मानवीय संकट बन गई है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं।