बिजनौर में सामूहिक नकल और अनुशासनहीनता का मामला सामने आने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश


बिजनौर: बिजनौर जिले के एक महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल और अनुशासनहीनता का मामला सामने आने के बाद गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने मामले को तत्काल प्रभाव से यूएफएम (अनुचित साधन) समिति को सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कुलपति प्रो. माहेश्वरी ने शुक्रवार को बिजनौर जिले के चार महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना तथा परीक्षाओं के उपरांत उत्तर-पुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन एवं जमा प्रक्रिया का जायजा लेना था।

इसी दौरान द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा से संबंधित उत्तर-पुस्तिकाओं के गहन परीक्षण में एक महाविद्यालय में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में कई विद्यार्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे उत्तर लिखे पाए गए, जिससे सामूहिक नकल की आशंका प्रबल हो गई।

सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित छात्रों ने परीक्षा अवधि में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अनुशासनहीन व्यवहार किया था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पूरे प्रकरण को विश्वविद्यालय की अनफेयर मीन्स (यूएफएम) समिति के सुपुर्द करते हुए दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे तथा अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।