प्रधानमंत्री मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस-वे उद्घाटन: यूपी को मिली नई जीवनरेखा…

काशी से हरदोई तक पीएम मोदी की आध्यात्मिक यात्रा और विकास का संकल्प


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तर प्रदेश दौरा इस बार आध्यात्मिकता और विकास दोनों का संगम लेकर आया। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना करने के बाद वे हरदोई पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया।

काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करते ही वातावरण मंत्रमुग्ध कर देने वाला था। वेदमंत्रों की गूंज, पुजारियों द्वारा डमरू वादन और श्रद्धालुओं के “हर हर महादेव” तथा “जय श्री राम” के जयकारों ने पूरे परिसर को दिव्यता से भर दिया। प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया और पुजारियों के प्रति आभार जताया।


गंगा एक्सप्रेस-वे: उत्तर प्रदेश की नई जीवनरेखा

हरदोई में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे को उत्तर प्रदेश की “लाइफलाइन” बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई धारा है। इसे उन्होंने मां गंगा का आशीर्वाद करार दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय चला गया जब एक सड़क बनने में वर्षों लग जाते थे। पहले सरकारें आती-जाती रहती थीं लेकिन काम अधूरा ही रह जाता था। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” में शिलान्यास भी होता है और तय समय पर लोकार्पण भी।


नए एक्सप्रेस-वे: विकसित भारत की हस्तरेखाएं

पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे को भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नए बनते एक्सप्रेस-वे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं। ये हस्तरेखाएं भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत उस दौर से बाहर निकल चुका है जब बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को पूरा होने में दशकों लग जाते थे। आज की सरकारें समयबद्ध तरीके से काम कर रही हैं और जनता को उसका लाभ मिल रहा है।

वीडियो देखें- पूरा उद्घाटन कार्यक्रम:-


बंगाल चुनाव का उल्लेख

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हो रहे मतदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भारी संख्या में मतदान हो रहा है और पिछले 6-7 दशकों में ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिला। यह लोकतंत्र की शक्ति और जनता की जागरूकता का प्रमाण है।


जनसभा में आभार और संदेश

हरदोई की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता का आभार जताया और कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे का यह वरदान मां गंगा का आशीर्वाद है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के विकास और भारत की प्रगति की नई कहानी बताया।


गंगा एक्सप्रेस-वे की तकनीकी विशेषताएं

गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है।

  • लंबाई: लगभग 594 किलोमीटर
  • मार्ग: यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा।
  • जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा।
  • लागत: अनुमानित लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपये
  • लाभ:
    • दिल्ली और प्रयागराज के बीच यात्रा समय में भारी कमी
    • औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बेहतर बाजार तक पहुंच
    • पर्यटन को बढ़ावा, विशेषकर धार्मिक स्थलों जैसे प्रयागराज और वाराणसी तक आसान पहुंच
    • रोजगार के नए अवसर

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। यह न केवल परिवहन को आसान बनाएगा बल्कि औद्योगिक निवेश को भी आकर्षित करेगा। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

पर्यटन क्षेत्र को भी इससे बड़ा लाभ होगा। प्रयागराज, वाराणसी और काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।


डबल इंजन सरकार का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में “डबल इंजन सरकार” की उपलब्धियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर काम करती हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। गंगा एक्सप्रेस-वे इसका जीवंत उदाहरण है।


गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई धारा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक बताया।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश को नई दिशा देगी, रोजगार के अवसर बढ़ाएगी और पर्यटन व उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। इसे वास्तव में मां गंगा का आशीर्वाद कहा जा सकता है।