नाना पाटेकर का निधन: भारतीय सिनेमा ने खोया अपना महान कलाकार
गोवा, 8 अक्टूबर 2026 – भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर बेहोश पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई। उनके निधन से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में गहरा शोक है।
🎬 करियर की शुरुआत और पहचान
नाना पाटेकर का फिल्मी सफर 1978 में गमन से शुरू हुआ। शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली, लेकिन 1986 में आई अंकुश ने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार ऐसे किरदार निभाए जो दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ गए।
- परिंदा (1989) में उनका गैंगस्टर का किरदार आज भी याद किया जाता है।
- क्रांतिवीर (1994) ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया।
- तिरंगा (1993) में उनका देशभक्ति से जुड़ा किरदार आज भी लोगों को प्रेरित करता है।
- खामोशी (1996) में उन्होंने भावनात्मक अभिनय से दर्शकों को रुला दिया।
- वेलकम (2007) में “उदय शेट्टी” के रूप में उन्होंने कॉमिक टाइमिंग का नया आयाम दिखाया।

- नटसम्राट (2016) मराठी सिनेमा में उनके करियर का शिखर माना जाता है।
🎥 हालिया काम
नाना पाटेकर ने अपने करियर के अंतिम वर्षों में भी बड़े प्रोजेक्ट्स में काम किया।

- हाउसफुल 5 (2025) में उन्होंने अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख के साथ काम किया।
- ओ रोमियो में शाहिद कपूर के साथ पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया।
- सूबेदार (2026) में अनिल कपूर के साथ स्पेशल अपीयरेंस दी।
अभिनय शैली और विरासत
नाना पाटेकर की सबसे बड़ी ताकत उनकी संवाद अदायगी और तीव्र अभिनय शैली थी। वे किरदारों को इतनी गहराई से निभाते थे कि दर्शक उन्हें लंबे समय तक भूल नहीं पाते। चाहे वह गंभीर किरदार हो, कॉमिक रोल हो या नकारात्मक भूमिका – उन्होंने हर शैली में अपनी छाप छोड़ी।
- संवाद अदायगी: उनकी आवाज़ और बोलने का अंदाज़ इतना प्रभावशाली था कि उनके संवाद अक्सर दर्शकों की जुबान पर चढ़ जाते थे।
- विविधता: उन्होंने एक्शन, ड्रामा, कॉमेडी और नकारात्मक किरदारों में समान रूप से सफलता हासिल की।
- सामाजिक कार्य: नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों की मदद की और समाजसेवा में सक्रिय रहे।
- सम्मान: तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री (2013) से सम्मानित हुए।
इंडस्ट्री में शोक

नाना पाटेकर के निधन पर बॉलीवुड और मराठी फिल्म जगत के कलाकारों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
- अक्षय कुमार ने कहा कि “नाना जी के बिना इंडस्ट्री अधूरी हो गई है।”
- रितेश देशमुख ने उन्हें “एक सच्चा मार्गदर्शक और दोस्त” बताया।
- मराठी सिनेमा के कलाकारों ने उनके योगदान को “अमूल्य धरोहर” कहा।
नाना पाटेकर का जीवन और करियर भारतीय सिनेमा के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने लगभग पाँच दशकों तक अभिनय किया और हर पीढ़ी के दर्शकों को प्रभावित किया। उनका निधन केवल एक अभिनेता का खोना नहीं है, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति का एक युग समाप्त होना है।









