यूपी में 20 IPS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के बदले पुलिस कप्तान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। शासन की ओर से जारी तबादला आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसके साथ ही बस्ती, जौनपुर, बाराबंकी, बलिया, हापुड़, मऊ, गाजीपुर, जालौन, बागपत, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में पुलिस कप्तानों की तैनाती में बदलाव किया गया है।
तबादलों को प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है। नई तैनातियों के बाद संबंधित जिलों में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
ए. सतीश गणेश को यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी
तबादला आदेश के अनुसार वरिष्ठ IPS अधिकारी ए. सतीश गणेश को अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा के पद पर भेजा गया है। नई जिम्मेदारी के तहत उन्हें प्रदेश में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क सुरक्षा से जुड़े अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू कराने और यातायात प्रबंधन से संबंधित कार्यों की निगरानी करनी होगी।
भगवान एस. श्रीवास्तव बने अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं
वहीं भगवान एस. श्रीवास्तव को अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह जिम्मेदारी अहम मानी जाती है। तकनीकी सेवाओं के माध्यम से पुलिसिंग को आधुनिक बनाने और तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है।
कई जिलों में बदले पुलिस कप्तान
सरकार की ओर से किए गए इस बड़े फेरबदल में केवल वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां ही नहीं बदली गई हैं, बल्कि कई जिलों के पुलिस कप्तानों को भी नई तैनाती दी गई है। तबादला सूची में बस्ती, जौनपुर, बाराबंकी, बलिया, हापुड़, मऊ, गाजीपुर, जालौन, बागपत, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं।
नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने और पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने की उम्मीद की जा रही है।
शासन ने जारी किया तबादला आदेश
उत्तर प्रदेश में IPS अधिकारियों के तबादले समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किए जाते रहे हैं। इस बार भी शासन के आदेश के बाद पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है।









