FMCG कंपनियां त्योहारी सीजन में कीमतें स्थिर रखेंगी, बिक्री बढ़ाने पर रहेगा जोर

त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से लागत पर दबाव बढ़ने के बावजूद, प्रमुख FMCG कंपनियां इस अवधि में उत्पादों की कीमतें बढ़ाने से बच सकती हैं। कंपनियों का ध्यान फिलहाल उपभोक्ता मांग को बनाए रखने और बिक्री की मात्रा बढ़ाने पर है।

लागत दबाव और चुनौतियां

  • कच्चे माल जैसे चीनी, खाद्य तेल, कॉफी, कोको और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव ने लागत को और बढ़ा दिया है।
  • कंपनियां परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव के जरिए इस दबाव को संभालने की कोशिश कर रही हैं।

कंपनियों की रणनीति

  • ITC: फूड डिवीजन के सीईओ हेमंत मलिक ने कहा कि कंपनी त्योहारी सीजन में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश करेगी। लागत प्रबंधन और पोर्टफोलियो सुधार से बढ़ती जिंस कीमतों का असर कम किया जाएगा।
  • Dabur: CFO अंकुश जैन ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में लागत दबाव को देखते हुए कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ाई हैं। आगे भी कंपनी प्रतिस्पर्धी माहौल और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेगी।
  • Parle: CMO मयंक शाह ने कहा कि कंपनियां कीमतें स्थिर रखना चाहेंगी क्योंकि शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में मांग उत्साहजनक बनी हुई है।

उपभोक्ता मांग और बाजार का माहौल

  • शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मांग मजबूत है।
  • कंपनियां दिवाली तक इस मांग की गति बनाए रखने पर ध्यान देंगी।
  • जून तिमाही में ही चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में 2-5% की बढ़ोतरी की जा चुकी है, इसलिए निकट भविष्य में बड़ी वृद्धि की संभावना कम है।

त्योहारी सीजन में FMCG कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतें स्थिर रखने की रणनीति अपना रही हैं। हालांकि, बढ़ती लागत और वैश्विक परिस्थितियों से उनके मुनाफे पर दबाव बना रहेगा। कंपनियां फिलहाल बिक्री बढ़ाने और मांग को बनाए रखने पर फोकस कर रही हैं।