अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा, पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने दर्ज की जीत

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में जीत हासिल कर अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इन सफलताओं को अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।

वॉशिंगटन। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजे सामने आने के साथ ही भारतीय मूल के नेताओं की जीत ने सबका ध्यान आकर्षित किया है। इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतकर कांग्रेस में जगह बनाई, जबकि सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से दोबारा जीत दर्ज की। वहीं, अरुणा मिलर ने मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में अपना चुनाव जीतकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है।

इन नतीजों से अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

पिया डंडिया ने फ्लोरिडा में हासिल की जीत

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मरीन सैनिक केसी अस्कार को शिकस्त दी। चुनाव परिणामों के मुताबिक, पिया डंडिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 49.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

इस जीत के साथ पिया अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय-अमेरिकी नेताओं में शामिल हो गई हैं। उनकी पृष्ठभूमि शिक्षा और सामाजिक बदलाव से जुड़ी रही है। राजनीति में आने से पहले वह हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं।

पिया ने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक हाई स्कूल की स्थापना भी की थी। उनका प्रयास ऐसे छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना था, जो आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बेहतर भविष्य हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।

पिया के माता-पिता भारत से अमेरिका आकर बसे थे। उनकी जीत को भारतीय मूल के समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से दूसरी बार जीत दर्ज की

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव दोबारा जीत लिया है।

चुनावी आंकड़ों के अनुसार, सुहास सुब्रमण्यम को 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 36.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस तरह सुहास ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर अमेरिकी कांग्रेस में अपनी जगह बरकरार रखी।

करीब 40 वर्षीय सुहास का राजनीतिक और सामाजिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने हरिकेन कैटरीना से प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सुहास के माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उनकी दोबारा जीत को अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अरुणा मिलर ने मैरीलैंड में फिर लहराया जीत का परचम

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने भी मिडटर्म चुनाव में सफलता हासिल की है। वह मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा चुनी गई हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार वेस मूर के साथ चुनावी मैदान में उतरते हुए रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप को हराया।

अरुणा मिलर की जीत से मैरीलैंड के प्रशासन में उनकी भूमिका अगले कार्यकाल के लिए भी बरकरार रहेगी। उनकी राजनीतिक सफलता अमेरिकी राज्य स्तर पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधित्व को मजबूत करती है।

अरुणा मिलर का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था। बाद में उनका परिवार अमेरिका में बस गया। उन्होंने वहां अपनी राजनीतिक पहचान बनाई और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया।

चुनाव प्रचार के दौरान मिलर ने मतदाताओं, विशेषकर प्रवासी समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने ट्रंप-वेंस प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए भी लोगों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह किया था।

अमेरिकी राजनीति में बढ़ रहा भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन नेताओं ने अलग-अलग राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

इनकी सफलता यह भी दर्शाती है कि भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अब केवल व्यापार, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की राजनीतिक व्यवस्था और नीतिगत निर्णयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भागीदारी आने वाले समय में समुदाय के राजनीतिक प्रभाव को और मजबूत कर सकती है।