गंगा एक्सप्रेसवे: बिजनौर में भूमि अधिग्रहण गजट जारी होने के बाद सोमवार से चिह्नित जमीन पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही …

बिजनौर जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। गजट जारी होने के बाद सोमवार से चिह्नित जमीन पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। इन आपत्तियों के निस्तारण के साथ ही दर निर्धारण की प्रक्रिया भी पूरी होगी। भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी एसएलओ विभाग को सौंपी गई है।

परियोजना का विस्तार

  • शुरुआत: अमरोहा के हसनपुर से
  • प्रवेश: बिजनौर जिले के चांदपुर तहसील क्षेत्र में
  • लंबाई: जिले में 56 किलोमीटर
  • गांवों की संख्या: 109 गांव
  • भूमि अधिग्रहण: 1058.44 हेक्टेयर
  • किसानों की संख्या: लगभग 8,000 किसान
  • बजट: यूपी कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है

जंक्शन निर्माण

बिजनौर जिले में एक्सप्रेसवे पर पांच प्रमुख जंक्शन बनाए जाएंगे:

  • उलेढ़ा: बिजनौर-चांदपुर मार्ग पर
  • विदुरकुटी: धार्मिक महत्व को जोड़ने वाला बड़ा जंक्शन
  • गोलबाग: बिजनौर-नूरपुर मार्ग पर
  • वीकेआईटी: बिजनौर-नगीना मार्ग पर
  • चंदक: बिजनौर-मंडावली रोड पर रेलवे फाटक से आगे

मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोई जंक्शन नहीं होगा। इस मार्ग से आने वाले वाहन वीकेआईटी कॉलेज के पास से ही एक्सप्रेसवे में प्रवेश कर सकेंगे।

यातायात पर असर

गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से एनएच-34 पर दबाव कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में बिजनौर से हरिद्वार जाने वाले वाहनों को कस्बों से गुजरना पड़ता है, जिससे सफर प्रभावित होता है। धार्मिक आयोजनों के दौरान भी यातायात का दबाव बढ़ जाता है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से लंबी दूरी के वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और स्थानीय यातायात सुगम होगा।