गंगा एक्सप्रेसवे: बिजनौर में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी, चिह्नित भूमि का गजट जारी
उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके निर्माण से आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
बिजनौर जिले में प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
- गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिससे अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।
- इस माह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
- प्रशासनिक स्तर पर अभिलेखों की जांच और दर निर्धारण की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
प्रभावित क्षेत्र और किसान
गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले की चांदपुर, बिजनौर और नजीबाबाद तहसीलों के 109 गांवों से होकर गुजरेगा।
- लगभग 1,000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
- इसमें 10,000 से अधिक किसानों की जमीन शामिल है।
- अधिग्रहण के बाद किसानों को उनकी भूमि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
संभावित लाभ
- दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बेहतर संपर्क।
- जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि।
- आवागमन में समय और लागत की बचत।
गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है, जो न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।










