अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक पुरस्कार, अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को बताया ऐतिहासिक

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुणे में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर अमित शाह ने अजीत डोभाल के लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और भारत की सुरक्षा नीति को नई दिशा देने में निभाई गई उनकी भूमिका की विस्तार से सराहना की।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल केवल एक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नहीं हैं, बल्कि ऐसे रणनीतिकार हैं जिन्होंने कई महत्वपूर्ण अवसरों पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा नीति, रक्षा क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रणनीति तैयार करने में डोभाल का अनुभव और मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित हुए अजीत डोभाल

लोकमान्य तिलक पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष चयन समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में असाधारण सेवाओं को देखते हुए अजीत डोभाल का चयन किया।

सम्मान समारोह के दौरान अमित शाह ने कहा कि जैसे ही उन्हें तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से यह जानकारी मिली कि इस वर्ष का पुरस्कार अजीत डोभाल को दिया जाएगा, उन्होंने तुरंत इस समारोह में शामिल होने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति को सम्मानित करना उनके लिए गर्व का विषय है।

राष्ट्रीय सुरक्षा में डोभाल की भूमिका को बताया निर्णायक

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में शामिल हैं। उनके कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखने को मिले।

उन्होंने कहा कि डोभाल ने—

  • राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दिया।
  • सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • आधुनिक तकनीक और सैन्य क्षमता के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया।
  • बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप नई रणनीतियां तैयार करने में सहयोग दिया।

अमित शाह के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए, जिनमें अजीत डोभाल का अनुभव और रणनीतिक सलाह महत्वपूर्ण आधार बनी।

इंडियन मुजाहिदीन जांच से जुड़ा अनुभव साझा किया

अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने एक पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के गृह मंत्री रहने के दौरान उन्हें अजीत डोभाल से एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी।

शाह के अनुसार, इस जानकारी ने इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच को नई दिशा देने में मदद की। उन्होंने दावा किया कि इस अहम इनपुट के बाद गुजरात पुलिस विभिन्न राज्यों में हुए कई सीरियल ब्लास्ट मामलों की जांच को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में सफल रही।

उन्होंने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि डोभाल की रणनीतिक समझ और खुफिया मामलों में अनुभव कई अवसरों पर देश के लिए उपयोगी साबित हुआ है।

विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

अमित शाह ने अपने भाषण में अजीत डोभाल के विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़े कार्यकाल का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि संस्था में राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और रणनीतिक मामलों पर गंभीर अध्ययन, विचार-विमर्श और नीति संबंधी सुझाव तैयार किए जाते रहे। लंबे समय तक ये विचार शोध पत्रों और चर्चाओं तक सीमित रहे, लेकिन वर्ष 2014 के बाद जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया, तब इन रणनीतिक विचारों को व्यावहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिला।

मोदी सरकार के सुरक्षा संबंधी फैसलों का किया उल्लेख

अमित शाह ने कहा कि पिछले कई वर्षों में भारत की सुरक्षा नीति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

उनके अनुसार—

  • राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया गया।
  • रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा मिला।
  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ।
  • आतंकवाद और सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में अधिक प्रभावी रणनीति अपनाई गई।

उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों में अजीत डोभाल की सलाह और अनुभव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

‘सच्चे और जन्मजात देशभक्त का सम्मान’

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि पुणे की ऐतिहासिक भूमि पर एक ऐसे व्यक्ति का सम्मान किया गया है जिसने अपना पूरा जीवन देश की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रहित की भावना का सम्मान है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि अजीत डोभाल स्वस्थ और दीर्घायु रहें तथा आने वाले वर्षों में भी देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपना अनुभव और मार्गदर्शन देते रहें।

अजीत डोभाल का सार्वजनिक जीवन

अजीत डोभाल भारतीय सुरक्षा तंत्र के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्होंने खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद विरोधी रणनीति तथा राष्ट्रीय हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को सलाह दी है।

लोकमान्य तिलक पुरस्कार का महत्व

लोकमान्य तिलक पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने समाज, राष्ट्र निर्माण, सार्वजनिक जीवन, विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। यह सम्मान देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल माना जाता है और इसके माध्यम से राष्ट्रहित में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाता है।