रोडवेज बस अड्डे पर ‘सांठगांठ का खेल’!, खुलेआम चल रहा सवारियों का अवैध कारोबार

न पुलिस का खौफ, न नियमों की परवाह,प्राइवेट गाड़ियों में भरकर भेजी जा रहीं सवारियां, परिवहन निगम को रोज़ाना लग हजारों का चूना

बिजनौर (चिंगारी)। रोडवेज बस अड्डे के आसपास अवैध वसूली और सवारियों की लूट का खुला खेल चल रहा है। आरोप है कि रोडवेज कर्मियों की कथित मिलीभगत से प्राइवेट चौपहिया वाहन बेधड़क दिल्ली और मेरठ जाने वाली सवारियां उठा रहे हैं, जिससे उ.प्र.परिवहन निगम को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।


सूत्रों के मुताबिक, बस अड्डे के पास से सवारियां बैठाने का ‘ठेका’ दो दबंग किस्म के लोगों ने ले रखा है। ये लोग प्राइवेट वाहन चालकों से एक चक्कर के 300 से 400 रुपये तक वसूलते हैं और बदले में उन्हें खुली छूट देते हैं कि वे रोडवेज परिसर के पास से ही सवारियां उठा सकें। हैरानी की बात यह है कि इन लोगों ने एक शख्स को बाकायदा तैनात कर रखा है, जिसका काम केवल इतना है कि वह रोडवेज परिसर के अंदर से सवारियां पकड़कर लाए और उन्हें इन प्राइवेट गाड़ियों में बैठा दे।


चश्मदीदों का कहना है कि यह पूरा खेल दिनभर खुलेआम चलता है। सुबह से शाम तक यह व्यक्ति सवारियां ढोता है, गाड़ियों से तय रकम वसूलता है और दिन के अंत में अपना हिस्सा काटकर बाकी रकम अपने ‘आकाओं’ को सौंप देता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे पर न तो पुलिस की नजर पड़ती है और न ही रोडवेज प्रशासन कोई कार्रवाई करता दिखाई देता है।


दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि इस धंधे में लगे लोगों को किसी का डर नही,न पुलिस का, न ही विभाग का। नतीजा यह है कि रोडवेज को हर दिन हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध वसूली करने वाले अपनी जेबें भर रहे हैं।

पुलिस का दोहरा रैवया

पुलिस का दोहरा रवैया भी सवालों के घेरे में है। एक ओर पुलिस बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध खेल पर आंखें मूंदी हुये है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा और थ्री-व्हीलर चालकों पर उसकी ज़बरदस्त सख्ती है। शहर में प्रवेश करते ही इन वाहनों के चालान काट दिए जाते हैं, चाहे वे किसी मरीज को लेकर आए हों या किसी जरूरी काम से।
अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक यूं ही नियमों का खुला उल्लंघन होता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहेंगे?

एसपी को लेटर लिखा है


उ.प्र.परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार का कहना है कि उन्होंने इस सम्बन्ध में एसपी को लेटर लिखा था लेकिन यह खेल बंद नहीं हुआ। वे पुनः इस सम्बन्ध में एसपी को पत्र लिखेंगे। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि रोडवेज की सावरियां बैठाने से रोडवेज को भारी नुकसान हो रहा है। गत दिनों उन्होंने रोडवेज़ परिसर के अंदर से सवारी ले जाने वाले युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था लेकिन उसके आक़ा उसे छुड़ा लाये और वह फिर काम पर लग गया।