गंगा किनारे बने गंगा एक्सप्रेसवे, उपजाऊ जमीन बचाने की अपील ,किसानों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया

बिजनौर (चिंगारी)। जनपद में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर किसानों की चिंता खुलकर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत फिरोजपुर मुबारक के ग्राम प्रधान संजय कुमार ने किसानो के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।ज्ञापन में ज्ञापन गंगा एक्सप्रेसवे के रूट पर पुनर्विचार की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गंगा एक्सप्रेसवे का सर्वे वर्तमान में तहसील बिजनौर के कई गांवों—पेदा, मिर्जापुर पूरन, मौ०पुर नौआबाद, इस्माईलपुर की नंगली, चौकपुरी, नसीरी, कच्छपुरा, नयागांव, अलीपुर माखन, गजरौला अचपल आदि से होकर किया जा रहा है। इन क्षेत्रों से पहले ही मेरठ-पौड़ी राजमार्ग, बिजनौर-नगीना बाईपास और अन्य प्रमुख मार्ग गुजर रहे हैं, जिससे किसानों की काफी जमीन पहले ही प्रभावित हो चुकी है।
किसानों का कहना है कि यदि गंगा एक्सप्रेसवे भी इन्हीं उपजाऊ खेतों से निकाला गया, तो सीमांत किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हो जाएगी। इससे बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि एक्सप्रेसवे को गंगा नदी के किनारे-किनारे बनाया जाए, जहां सैकड़ों हेक्टेयर सरकारी एवं बंजर भूमि उपलब्ध है। प्रस्तावित रूट को दारानगर गंज, जहानाबाद से होते हुए बालावाली और नांगल सोती के रास्ते हरिद्वार से जोड़े जाने की मांग की गई है।