69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में उम्मीदवार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
- भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की अनदेखी की जांच
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई
- पारदर्शी और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना
यह मामला कई वर्षों से न्यायालय के दायरे में है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती में आरक्षण नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
- इस विवाद की पहली सुनवाई सितंबर 2024 में हुई थी।
- उम्मीदवारों का कहना है कि अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला और सुनवाई लगातार टलती रही।
- सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को निर्धारित है।
वर्तमान स्थिति
प्रदर्शनकारी लगातार दबाव बना रहे हैं कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता लाए और न्याय सुनिश्चित करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन जारी रखेंगे।






