पंजाब में AAP को बड़ा झटका, दो दिन में तीन विधायकों ने दिया इस्तीफा; बीजेपी में हुए शामिल
नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। महज दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में तीनों विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा शामिल हैं। इन तीनों के पार्टी छोड़ने से पंजाब में आम आदमी पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
दो दिन में तीन विधायकों ने छोड़ी पार्टी
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला 1 नवंबर से शुरू हुआ। सबसे पहले पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा के पार्टी छोड़ने की खबर सामने आई।
इसके अगले दिन यानी 2 नवंबर की सुबह अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बताया गया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेजा।
तीसरे विधायक के इस्तीफे के बाद कुछ ही समय में तीनों नेता दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने AAP नेतृत्व पर साधा निशाना
बीजेपी में शामिल होने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व और पंजाब सरकार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी का राजनीतिक आधार कमजोर हो चुका है और इसके लिए अरविंद केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान जिम्मेदार हैं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पंजाब में अब आम आदमी पार्टी का कोई प्रभावी अस्तित्व नहीं रह गया है। उन्होंने राज्य में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जताते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की बात कही।
कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने पुलिस सेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अमृतसर में एसपी के पद पर रहते हुए वर्ष 2007, 2008 और 2009 के दौरान नशे और अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रभावी काम किया गया था। उनके मुताबिक, बाद के वर्षों में स्थिति फिर बिगड़ती चली गई।
उन्होंने पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान उन्होंने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसका अनुभव वह खुद ही जानते हैं।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी में शामिल होने के बाद विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी आम आदमी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने पंजाब में राजनीतिक शुरुआत की थी, तब पार्टी ने जनता के सामने बदलाव और विकास का एक प्रभावशाली विजन रखा था। इसी सोच के कारण पार्टी को राज्य में व्यापक जनसमर्थन मिला और सरकार बनाने का अवसर मिला।
पठानमाजरा के अनुसार, समय के साथ पार्टी के भीतर परिस्थितियां बदलती गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले नेताओं को धीरे-धीरे किनारे किया जाने लगा और उनकी भूमिका सीमित कर दी गई।
उन्होंने राज्य में नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ के बजाय ‘उभरता पंजाब’ बनाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ा है और इससे पंजाब की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल
लगातार तीन विधायकों के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने की घटना को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह है कि ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
तीनों नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी की नीतियों और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। वहीं, उनके आरोपों और राजनीतिक दावों पर आम आदमी पार्टी का पक्ष भी इस घटनाक्रम को पूरी तरह समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से पंजाब में सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का राज्य की राजनीति और दोनों दलों की रणनीति पर क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।









