अयोध्या में 7 नवंबर को होगा 10वां भव्य दीपोत्सव, लाखों दीयों से जगमगाएगी रामनगरी
श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, सरयू के घाटों पर रोशन होंगे लाखों दीप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ड्रोन शो से सजेगा आयोजन
अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। आगामी 7 नवंबर 2026 को अयोध्या धाम में दीपोत्सव का 10वां संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान पूरी रामनगरी को दीपों, आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जाएगा।
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान सरयू नदी के घाटों पर लाखों मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बार करीब 30 से 33 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से एक बार फिर दीपों की भव्यता के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
रामायण थीम पर सजाई जाएगी रामनगरी
इस बार दीपोत्सव को विशेष रूप देने के लिए अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों, मार्गों और सार्वजनिक स्थानों को रामायण की थीम पर सजाने की योजना है। राम की पैड़ी, सरयू तट, रामपथ और रामकथा पार्क सहित कई प्रमुख स्थानों पर विशेष सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। आकर्षक प्रवेश द्वार, रंग-बिरंगी लाइटिंग और फूलों की सजावट श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे खास आकर्षण
दीपोत्सव के दौरान पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में रामायण पर आधारित विशेष ड्रोन शो आयोजित करने की तैयारी है। इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रामलीला, शोभायात्राएं और झांकियां भी आयोजन की शोभा बढ़ाएंगी।
सरयू नदी के तट पर भव्य आरती का आयोजन भी दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इन आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
2017 में शुरू हुई थी दीपोत्सव की परंपरा
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। इसके बाद हर साल इस आयोजन का स्वरूप और भव्यता बढ़ती गई। दीपोत्सव ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। इस आयोजन का धार्मिक महत्व भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने और उनके स्वागत में दीप जलाने की परंपरा से जुड़ा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
दीपोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुल मिलाकर, 7 नवंबर को आयोजित होने वाला अयोध्या का दसवां दीपोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम का भव्य उदाहरण बनने जा रहा है। लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी का नजारा देश-विदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।









