हरिद्वार में गंगा स्वच्छता अभियान: पुलिस के जवानों ने प्रेमनगर आश्रम घाट पर चलाया सफाई अभियान
हरिद्वार। मां गंगा की स्वच्छता और घाटों को साफ-सुथरा बनाए रखने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस ने प्रेमनगर आश्रम घाट के पास विशेष सफाई अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस के जवानों और प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट्स ने मिलकर गंगा तट तथा आसपास के घाटों की सफाई की। अभियान के तहत पॉलीथिन और अन्य प्रकार के कचरे को हटाकर लोगों को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया गया।
एसएसपी के निर्देश पर चलाया गया अभियान
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के निर्देश पर आयोजित इस स्वच्छता अभियान का नेतृत्व सीओ ट्रैफिक दीपेंद्र कुमार ने किया। अभियान में पुलिसकर्मियों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर गंगा तट और घाटों पर फैले अपशिष्ट को एकत्र कर सफाई की।
अभियान का उद्देश्य केवल घाटों की सफाई करना ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र मां गंगा के प्रति लोगों को स्वच्छता की जिम्मेदारी का एहसास कराना भी रहा।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किया जागरूक
सफाई अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने क्षेत्रीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को गंगा के जल तथा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया। लोगों से अपील की गई कि वे गंगा में या उसके आसपास पॉलीथिन, प्लास्टिक और अन्य कचरा न डालें। घाटों पर आने वाले श्रद्धालु भी स्वच्छता के नियमों का पालन करें और दूसरे लोगों को इसके लिए प्रेरित करें।
पुलिस की ओर से यह संदेश दिया गया कि गंगा की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
गंगा को स्वच्छ रखने के लिए मांगा निरंतर सहयोग
गंगा नदी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। हरिद्वार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा घाटों की नियमित सफाई और कचरे का उचित निस्तारण बेहद जरूरी है।
हरिद्वार पुलिस के इस अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे गंगा तट को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट को निर्धारित स्थानों पर डालें तथा नदी और घाटों को प्रदूषण से बचाने के लिए सतर्क रहें।
इस पहल के जरिए पुलिस ने स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने और मां गंगा के घाटों को साफ-सुथरा बनाए रखने का संदेश दिया।









