चुनाव जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी: INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर सीएम योगी का कांग्रेस पर तीखा हमला
दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में हार मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि जीत हासिल होने पर इसे अपनी राजनीतिक उपलब्धि बताती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से अव्यवस्था का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।
सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी हार और जीत जनता के फैसले का हिस्सा हैं। ऐसे में चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से जनता के बीच अविश्वास पैदा होता है।
‘चुनाव जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM और चुनाव आयोग दोषी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर पार्टी अपनी सफलता का श्रेय खुद लेती है, लेकिन हार मिलने पर EVM और चुनाव आयोग को दोष देने लगती है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठाने से पहले राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए और अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को विवादों में घसीट रही है। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस को अपना नेतृत्व बदलने की दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने व्यवहार और नेतृत्व पर विचार करना चाहिए। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, लगातार चुनावी असफलताओं के बावजूद यदि कांग्रेस अपनी रणनीति में बदलाव नहीं करती है, तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता अव्यवस्था और अराजकता की राजनीति को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी। उनके मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाने से राजनीतिक दलों के प्रति जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि पार्टी इसी तरह की राजनीति करती रही, तो उसे अपनी बची हुई राजनीतिक जमीन भी गंवानी पड़ सकती है।
1985 के बाद उत्तर प्रदेश में सत्ता में नहीं लौटी कांग्रेस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1985 के बाद से पार्टी राज्य की सत्ता में वापस नहीं आ सकी है। उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय बताया और कहा कि पार्टी को समझना चाहिए कि जनता बार-बार उसे सत्ता से दूर क्यों रख रही है।
सीएम योगी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी कांग्रेस को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी कमजोरियों और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करने के बजाय विरोध प्रदर्शनों तथा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने में अधिक ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का समर्थन हासिल करना राजनीतिक दलों का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। चुनाव में सफलता के लिए जनता के विश्वास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करना जरूरी है।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना
सीएम योगी ने दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए और न ही संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपनी राजनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति के लिए जगह है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए।
चुनाव आयोग और EVM को लेकर जारी राजनीतिक बहस
चुनावी प्रक्रिया और EVM की विश्वसनीयता को लेकर देश में राजनीतिक दलों के बीच समय-समय पर बहस होती रही है। विपक्षी दल कई मौकों पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज करते रहे हैं।
दिल्ली में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान कांग्रेस और विपक्षी दलों के साथ सत्तापक्ष के राजनीतिक टकराव को और तेज करता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह रहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी नतीजों के बाद आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक कमियों पर विचार करना चाहिए।









