बिजनौर में यूपी गंगा ट्रैक-III 2026 का आयोजन, 510 एनसीसी कैडेट्स ले रहे हिस्सा
बिजनौर (चिंगारी)। बिजनौर में गंगा तट पर आयोजित एनसीसी के विशेष अभियान ‘यूपी गंगा ट्रैक-III 2026’ के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। छह अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान 19 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न एनसीसी ग्रुपों के 510 कैडेट्स और 15 एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) भाग ले रहे हैं।
अभियान के दौरान कैडेट्स को ट्रेकिंग सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक क्षमता बढ़ाने, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने और सामूहिक रूप से कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें गंगा नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व से परिचित कराते हुए संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मेजर जनरल गौरव गौतम ने गतिविधियों का किया निरीक्षण
एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम अभियान में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने शिविर में संचालित गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद कर अभियान के उद्देश्यों तथा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

कैडेट्स को संबोधित करते हुए मेजर जनरल गौरव गौतम ने कहा कि इस तरह के अभियानों का उद्देश्य युवाओं में साहस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक सहनशक्ति और टीम भावना का विकास करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव कैडेट्स को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने में सहायक होते हैं।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए कहा कि युवाओं में प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशीलता और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी विकसित करना भी आवश्यक है। गंगा तट पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से कैडेट्स को पर्यावरण के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक होने का अवसर मिल रहा है।
मेजर जनरल गौरव गौतम को 2025 में मिला विशिष्ट सेवा मेडल

मेजर जनरल गौरव गौतम ने दिसंबर 1991 में 12वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त किया था। तीन दशक से अधिक के सैन्य करियर में उन्होंने जम्मू-कश्मीर, उच्च पर्वतीय क्षेत्रों और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवाएं दीं। वह किर्गिस्तान में भारतीय सेना की प्रशिक्षण टीम के टीम लीडर भी रहे।
उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कोर्स, हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित सैन्य पाठ्यक्रम पूरे किए। इसके अलावा 22वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री, 108 माउंटेन ब्रिगेड और 26वीं इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली। विशिष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2025 में ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया। जनवरी 2026 से वह एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के अपर महानिदेशक के रूप में युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से रूबरू हो रहे कैडेट्स
‘यूपी गंगा ट्रैक-III 2026’ के अंतर्गत कैडेट्स को ट्रेकिंग के माध्यम से हस्तिनापुर, विदुर कुटी और हैदरपुर वेटलैंड जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों से परिचित कराया जा रहा है। इन स्थलों का भ्रमण युवाओं को क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और जैव विविधता को समझने का अवसर प्रदान करता है।
हस्तिनापुर का ऐतिहासिक महत्व, विदुर कुटी की सांस्कृतिक पहचान और हैदरपुर वेटलैंड की प्राकृतिक विशेषताएं कैडेट्स के लिए सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। इस दौरान वे प्रकृति के करीब रहकर पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता को समझ सकते हैं।
व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी पर जोर
एनसीसी का यह अभियान केवल ट्रेकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कैडेट्स के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने से उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, सहयोग की भावना और जिम्मेदारी निभाने का दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलती है।
19 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के जरिए कैडेट्स को अनुशासित जीवनशैली अपनाने, प्राकृतिक संपदा का सम्मान करने और देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जा रहा है। इस प्रकार ‘यूपी गंगा ट्रैक-III 2026’ युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान कर रहा है।









